खुले में मांस-मछली कारोबार बैन: निगम ने चलाया सख्त अभियान, 686 दुकानों पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई Bihar News: 'अगला CM अगर नीतीश कुमार के रास्तों पर नहीं चले तो टिक नहीं पाएगा...', मांझी ने अपना अनुभव साफ-साफ बता दिया Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के 1634 अफसरों में नंबर-1 पर कौन ? नीतीश सरकार ने अधिकारियों की सिविल लिस्ट का किया प्रकाशन... Bihar DCECE 2026 : बिहार के स्टूडेंट के लिए खुशखबरी , डिप्लोमा और पैरामेडिकल समेत इन कोर्स में एडमिशन का सुनहरा मौका; आवेदन शुरू – जल्दी करें अप्लाई बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: व्यवसायी के घर को निशाना बनाकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, इलाके में दहशत BIHAR POLICE : थानेदार का फायरिंग का पुराना रिकॉर्ड, मुजफ्फरपुर के तीन थाना क्षेत्रों में कर चुका है फायरिंग; गायघाट गोलीकांड के बाद विवादों में SHO अजब प्रेम की गजब कहानी: जिगरी दोस्त की पत्नी पर आया युवक का दिल, पति ने करा दी शादी BIHAR NEWS : अचानक ब्रेक से ट्रकों की टक्कर, खलासी की मौत, चालक गंभीर Bihar Crime: चाय पी रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या: बहन की शादी में शामिल होने आया था घर, परिजनों ने सड़क किया जाम Bihar News : सम्राट मॉडल कहने पर भड़का JDU, BJP को मिला करारा जवाब - तब तो कहिएगा की मदन सहनी मॉडल? बिहार में एक ही मॉडल वो है....
18-Oct-2025 08:54 AM
By First Bihar
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने पेंशनर्स के लिए एक नई पहल की है। कानपुर परिक्षेत्र के 20,831 पेंशनर्स के जीवन प्रमाणपत्र अब डाकिए जमा करेंगे, ताकि उन्हें पेंशन का भुगतान सुचारू रूप से मिल सके। ईपीएफओ के कानपुर परिक्षेत्र में कुल 85,581 पेंशनर पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 20,000 से अधिक पेंशनर्स के जीवन प्रमाणपत्र समय पर जमा न होने के कारण पेंशन रुकी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए ईपीएफओ और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के बीच समझौता किया गया है। इसके तहत डाक विभाग के कर्मचारी डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र अपलोड करेंगे। इस सेवा के लिए प्रति प्रमाणपत्र 50 रुपये का भुगतान ईपीएफओ द्वारा आईपीपीबी को किया जाएगा, जबकि पेंशनर्स से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
ईपीएफओ अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से वृद्ध और अस्वस्थ पेंशनर्स के लिए राहतभरी होगी, जिन्हें बैंक या ईपीएफओ कार्यालय जाकर प्रमाणपत्र जमा करने में कठिनाई होती है। अब उनके घर तक यह सेवा पहुंचेगी। उत्तर प्रदेश में कुल 6,32,052 पेंशनर्स हैं, जिनमें से 1,39,937 पेंशनर्स ने अब तक जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है। वहीं 38,342 पेंशनर्स ऐसे हैं जिन्होंने पिछले पांच वर्षों से जीवन प्रमाणपत्र नहीं जमा किया, जिससे उनकी पेंशन बंद हो गई है। ईपीएफओ और आईपीपीबी मिलकर इन सभी पेंशनर्स के प्रमाणपत्र जल्द जमा कराने की योजना पर काम कर रहे हैं।
अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उदय बख्शी, क्षेत्रीय आयुक्त शाहिद इकबाल और गौतम ने बताया कि संगठन ने पेंशन प्रक्रिया को और पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इसके तहत अब सदस्य प्राकृतिक आपदा, विकलांगता या बेरोजगारी की स्थिति में बिना किसी दस्तावेज प्रस्तुत किए अपनी भविष्य निधि का 75 प्रतिशत धन निकाल सकेंगे। शेष 25 प्रतिशत राशि 12 माह की बेरोजगारी के बाद निकाली जा सकती है। वहीं, पेंशन पाने की पात्रता के लिए सदस्य को 10 वर्ष की निरंतर सेवा आवश्यक रहेगी।
ईपीएफओ ने यह भी निर्णय लिया है कि पेंशन संचय की निकासी अवधि को दो माह से बढ़ाकर 36 माह कर दिया गया है, ताकि सदस्य नई नौकरी मिलने पर पिछली सेवा अवधि जोड़ सकें। इससे कर्मचारियों को पेंशन के अधिकार में लाभ मिलेगा। साथ ही, संशोधित इलेक्ट्रॉनिक चालन रिटर्न (ECR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
सदस्यों की सुविधा के लिए ईपीएफओ ने “पासबुक लाइट” नाम की नई डिजिटल सेवा भी शुरू की है। इस सुविधा से सदस्य अपने पीएफ खाते का पूरा विवरण कुल अंशदान, निकासी, और वर्तमान शेष राशि एक ही स्थान पर देख सकते हैं। इसके लिए सदस्य ईपीएफओ की वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाकर “Employee Section” में “Online Services” के तहत “UAN Member e-Seva” पोर्टल में लॉगिन कर सकते हैं। यहां “View” टैब में जाकर “Passbook Light” विकल्प चुनने पर पीएफ बैलेंस और पासबुक सारांश तुरंत देखा जा सकता है।
इसके अलावा ईपीएफओ ने मिस्ड कॉल सुविधा को भी दोबारा शुरू किया है। अब सदस्य अपने आधार से लिंक मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल देकर कुछ ही सेकंड में अपने खाते की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा पहले भी उपलब्ध थी लेकिन लगभग दो वर्ष पहले बंद कर दी गई थी। अब इसे फिर से शुरू किया गया है ताकि कर्मचारी अपने भविष्य निधि खाते से जुड़ी जानकारी तेजी से प्राप्त कर सकें।