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21-Mar-2026 07:36 AM
By First Bihar
Free Ration : सरकार गरीबी रेखा के नीचे आने वाले सभी लोगों को मुफ्त में राशन मुहैया कराती है। इस बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के सभी राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने जानकारी दी कि अप्रैल महीने में लाभार्थियों को तीन महीने (अप्रैल, मई और जून 2026) का राशन एक साथ दिया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा की गई कि सभी लाभार्थी निर्धारित समय पर अपनी नजदीकी राशन दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि सरकार ने इस फैसले के पीछे फिलहाल कोई ठोस कारण सार्वजनिक नहीं किया है।
इससे पहले, सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि वर्ष 2025 में कुल 41.41 लाख अपात्र राशन कार्ड रद्द किए गए। राज्यसभा में खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने जानकारी दी कि हरियाणा में सर्वाधिक लगभग 13.43 लाख, राजस्थान में 6.05 लाख, उत्तर प्रदेश में 5.97 लाख, पश्चिम बंगाल में 3.74 लाख और मध्य प्रदेश में 2.60 लाख राशन कार्ड अपात्र पाए जाने पर खत्म किए गए।
बंभानिया ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में प्रौद्योगिकी के उपयोग से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वास्तविक लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 41.41 लाख फर्जी राशन कार्ड समाप्त किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 48.85 लाख और 2023 में 41.99 लाख थी।
पीडीएस में चल रहे सुधारों के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड और लाभार्थियों के आंकड़ों का पूरी तरह डिजिटलीकरण किया जा चुका है। देश की लगभग सभी उचित मूल्य की दुकानों (FPS) को इलेक्ट्रॉनिक ‘प्वाइंट ऑफ सेल’ (ePOS) उपकरणों की स्थापना के माध्यम से स्वचालित किया गया है।
इसके अलावा, 99.2 प्रतिशत लाभार्थियों को आधार से जोड़ा जा चुका है और 98.75 प्रतिशत खाद्यान्न वितरण आधार आधारित बायोमेट्रिक और डिजिटल प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा रहा है। मंत्री ने कहा, "पीडीएस का डिजिटलीकरण दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक राशन पहुंच सके और खाद्यान्न की चोरी जैसी समस्याओं का समाधान हो सके।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपात्र राशन कार्डों को खत्म करने का उद्देश्य केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल लाभार्थियों को समय पर राशन मिलेगा, बल्कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर भी काफी हद तक नियंत्रण मिलेगा। इससे पहले, भारत में पीडीएस प्रणाली में अक्सर फर्जी राशन कार्ड और राशन की चोरी जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। डिजिटलाइजेशन और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए इन खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी बताया कि अप्रैल में लाभार्थियों को तीन महीने का राशन एक साथ देने का निर्णय विशेष परिस्थितियों के तहत लिया गया है। हालांकि, इसके पीछे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन इसे सामाजिक सुरक्षा और राशन वितरण में आसानी सुनिश्चित करने का कदम माना जा रहा है।
केंद्र सरकार की इस पहल से लाखों गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा और उन्हें राशन की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही, डिजिटलाइजेशन और ईपीओएस सिस्टम के जरिए वास्तविक लाभार्थियों की पहचान और राशन वितरण में पारदर्शिता और भी बढ़ेगी।इस प्रकार, अप्रैल से लागू होने वाली यह नई योजना देश के सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।