BIHAR: शिवहर जिला प्रशासन में उस समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई जब जिला कल्याण कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक पत्र में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के बदले लोकसभा चुनाव 2025 की तैयारी करने का निर्देश जारी कर दिया गया। यह पत्र न केवल प्रशासनिक स्तर पर भारी गलती बन गया बल्कि पूरे दिन सोशल मीडिया पर वायरल भी होता रहा, जिससे विभाग की जमकर किरकिरी हुई।
क्या है मामला?
दरअसल, जिला कल्याण पदाधिकारी पवन कुमार सिंह द्वारा सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को एक पत्र भेजा गया था, जिसमें उनसे कहा गया कि वे "लोकसभा चुनाव 2025 की तैयारी करें और उससे संबंधित डाटाबेस तैयार करें।" लेकिन हकीकत यह है कि वर्तमान में जिले में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर निर्देश दिए जा रहे हैं, न कि लोकसभा चुनाव की।
पत्र में यह प्रमुख त्रुटि सिर्फ चुनाव के नाम तक ही सीमित नहीं रही। पत्र में कई जगह शब्दों की अशुद्धियाँ, वाक्य विन्यास की गलतियां और आधिकारिक भाषा में लापरवाही भी देखने को मिली। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा का विषय बन गया कि "कम से कम सरकारी पत्राचार में भाषा और तथ्यों की गंभीरता तो होनी चाहिए।"
सोशल मीडिया पर वायरल, विभाग की फजीहत
जैसे ही यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने कल्याण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने इसे अफसरशाही की लापरवाही बताया और कहा कि चुनाव जैसे संवेदनशील विषय पर ऐसा भ्रम फैलाना गंभीर लापरवाही है।
विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग
इस गलती के बाद जिला प्रशासन की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसे पत्रों को बिना अच्छी तरह से जांचे-परखे जारी करना विभाग की तैयारी और जिम्मेदारी दोनों पर सवालिया निशान लगाता है। स्थानीय स्तर पर अब यह मांग उठने लगी है कि ऐसे मामलों में सख्त चेतावनी या जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही ना हो।
समीर कुमार झा की रिपोर्ट