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24-Mar-2026 12:59 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में एक असामान्य और सनसनीखेज घटना सामने आई है। खोकसाहा स्थित एक होटल के पास शराब के नशे में धुत्त ASI रिंकू सिंह ने हंगामा किया, जिसे देखकर स्थानीय लोग डर गए और उसे बंधक बना लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और जमादार को गिरफ्तार किया।
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब रिंकू सिंह, जो कि विभूतिपुर थाने में पदस्थापित हैं, खोकसाहा के इलाके में स्थित एक दुकान और होटल के पास शराब के नशे में धुत्त होकर हंगामा करने लगे। स्थानीय लोग उनकी स्थिति देखकर डर गए और उन्होंने जमादार को पकड़ा। लोगों ने जमादार को बंधक बनाकर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना पाकर तत्काल घटनास्थल पर एएसआई प्रमोद कुमार पहुंचे। वहां उन्होंने स्थानीय लोगों से स्थिति का पता लगाया। लोगों ने बताया कि रिंकू सिंह शराब के नशे में हैं और उनके व्यवहार से आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। स्थानीय लोगों की मांग थी कि र रिंकू सिंह का मेडिकल जांच करवाई जाए ताकि यह पता चल सके कि वह वास्तव में शराब के प्रभाव में हैं या नहीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा को मामले की जानकारी दी। थानाध्यक्ष ने तुरंत आदेश दिया कि रिंकू सिंह की मेडिकल जांच कराई जाए। इसके बाद रिंकू सिंह को सीएचसी विभूतिपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टर मनीष कुमार ने उनका मेडिकल परीक्षण किया। जांच में पुष्टि हुई कि रिंकू सिंह वास्तव में शराब के नशे में धुत्त थे।
मेडिकल जांच के बाद थानाध्यक्ष ने जमादार रिंकू सिंह को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। डॉक्टर मनीष कुमार ने बताया कि रिंकू सिंह को “फिट फोर कस्टडी” के रूप में मेंशन किया गया है, यानी वे कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हिरासत के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।
स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि यदि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की होती तो घटना और बिगड़ सकती थी। लोग यह भी कहते हैं कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा सार्वजनिक जगह पर शराब के नशे में हंगामा करना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। यह घटना पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकती थी।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने कहा कि यह मामला गंभीर है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे मामलों में शांतिपूर्ण ढंग से पुलिस को सूचना दें ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी पुलिसकर्मी कानून से ऊपर नहीं है, और नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
घटना से यह स्पष्ट हो गया कि शराब का सेवन न केवल व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। इस मामले में स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
विभूतिपुर थाने में पदस्थापित इस जमादार के खिलाफ अब औपचारिक रूप से थाने में सनहा दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय के माध्यम से की जाएगी। यह घटना न केवल पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन की आवश्यकता को उजागर करती है, बल्कि आम नागरिकों को भी यह संदेश देती है कि कानून और नियम का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
इस प्रकार, रिंकू सिंह की गिरफ्तारी ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे में धुत पुलिसकर्मी भी कानून के दायरे से बाहर नहीं रह सकते। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक गंभीर स्थिति को नियंत्रित किया और यह साबित किया कि सामूहिक जागरूकता और जिम्मेदार प्रशासन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।