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Bihar News: मद्य निषेध सहायक आयुक्त का 'इंस्पेक्टर' प्रेम बेनकाब ! सचिव-कमिश्नर का आदेश 2 महीने से रद्दी की टोकरी में, जिम्मेदार अफसर गजब की दे रहे सफाई

मद्य निषेध विभाग में ट्रांसफर आदेश का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन हुआ है। 27 जून 2025 को इंस्पेक्टर कपिलदेव कुमार का रोहतास से गयाजी तबादला हुआ था, लेकिन रोहतास के सहायक आयुक्त तारीक महमूद ने अब तक उन्हें विरमित नहीं किया।

03-Sep-2025 04:12 PM

By Viveka Nand

Bihar News: बिहार का सरकारी सिस्टम भगवान भरोसे चल रहा है. यहां बड़े-बड़े अधिकारियों पर छोटे अधिकारी भारी हैं. तभी तो विभाग अधिकारियों का ट्रांसफऱ करता है, पर निचले स्तर के अधिकारी,जिन्हें रिलीव करना होता है, वे छोड़ते ही नहीं हैं. मद्य निषेध विभाग में यह खेल जारी है. मद्य निषेध विभाग में खुलासा हुआ है कि एक इंस्पेक्टर के लिए विभाग का आदेश रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया. 

मद्य निषेध विभाग के सचिव-कमिश्नर के आदेश को ठेंगा दिखा रहे सहायक आयुक्त 

मद्य निषेध विभाग ने 27 जून 2025 को 76 इंस्पेक्टरों का तबादला किया. साथ ही स्थानांतरित इंस्पेक्टरों के तत्काल विरमित करने, जुलाई माह का वेतन नवपदस्थापन जगह से मिलने का आदेश आदेश पत्र में ही उल्लेखित किया था. मद्य निषेध विभाग के आदेश के बाद 76 में 75 इंस्पेक्टरों को संबंधित अधिकारियों ने विरमित कर दिया, सभी नए जगह पर महीनों पहले योगदान भी दे दिए. लेकिन एक के लिए जिम्मेदार अधिकारी ने विभाग का आदेश रद्दी की टोकरी में डाल दिया. वो इंस्पेक्टर आज भी पुराने जगह पर काम कर रहे. वहां के असिस्टेंट कमिश्नर ने आज तक उक्त इंस्पेक्टर जिसे 27 जून 2025 को स्थानांतरित कर 'गयाजी' भेजा गया, नहीं छोड़ा है. जबकि वहां दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर कई इंस्पेक्टर आ चुके हैं. इसके बाद भी असिस्टेंट कमिश्नर ने उक्त इंस्पेक्टर को रिलीव नहीं किया है. छोड़ने की बात तो दूर थानाध्यक्ष बनाकर दो जगहों का काम सौंप रखा है. आखिर उस इंस्पेक्टर से इतना प्रेम क्यों है...यह तो वही बता सकते हैं. 

रोहतास के सहायक आयुक्त को इंस्पेक्टर प्रेम 

मामला रोहतास का है. रोहतास में पदस्थापित एक मद्य निषेध इंस्पेक्टर कपिलदेव कुमार जिनका 27 जून को ही ट्रांसफऱ हो गया. ट्रांसफऱ आदेश में 15 वें नंबर पर इंस्पेक्टर कपिलदेव कुमार का नाम था. जिनका रोहतास से गयाजी स्थानांतरण किया गया. फिर शुद्धि पत्र जारी कर इन्हें गयाजी के ग्रुप सेंटर में पदस्थापित किया गया. अन्य की तरह इन्हें भी तत्काल विरमित करना था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दो माह से अधिक बीत गए, रोहतास के मद्य निषेध सहायक आयुक्त तारीक महमूद ने उक्त इंस्पेक्टर कपिलदेव कुमार को आज तक विरमित नहीं किया है. आज भी वो स्थानांतरित इंस्पेक्टर रोहतास में काम कर रहे, जबकि इन्हें गयाजी होना चाहिए था. वेतन भी रोहतास से ले रहे. जबकि विभाग का स्पष्ट आदेश था कि स्थानांतरित इंस्पेक्टर नए जगह से वेतन लेंगे. रोहतास में जिनका पदस्थापन किया गया है, वो बीच में झूल रहे. 

सहायक आयुक्त देने लगे सफाई

हमने रोहतास के सहायक आयुक्त मद्य निषेध तारीक महमूद से सवाल किया. आखिर क्या मजबूरी है जो स्थानांतरित इंस्पेक्टर को अब तक विरमित नहीं किया गया ? क्या इसे नहीं माना जाय कि यह विभाग के आदेश का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है ? क्या इनके बिना रोहतास में शराबबंदी सफल नहीं कराया जा सकता, या फिर जो नए इंस्पेक्टर आये हैं, वो सक्षम नहीं ?  इस पर सहायक आयुक्त ने बताया कि जो इंस्पेक्टर आये हैं वो इस जिले के लिए नए हैं. यह जिला संवेदनशील है. इसलिए कपिलदेव कुमार को विरमित नहीं किया गया, और कोई बात नहीं है. अब नए लोगों को क्षेत्र की जानकारी हो गई है, जल्द ही कपिलदेव कुमार को विरमित किया जायेगा. उनसे पूछा गया कि दो महीने बाद भी स्थानांतरित इंस्पेक्टर को विरमित नहीं करना विभाग के आदेश का उलंघन है, क्या आपने विभाग से आदेश लिया है ? इस पर सहायक आयुक्त ने कहा कि, नहीं विभाग से आदेश नहीं लिए हैं, सफाई में दूसरे विभाग का उदाहरण देने लगे.