हर नागरिक को मिले भरोसेमंद और निष्पक्ष न्याय, बोले डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा बेगूसराय में पुलिस वाहन और तेल टैंकर की भीषण टक्कर, SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल गंगा घाट स्वच्छता अभियान: ऑक्सफोर्ड बिजनेस कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग पटना के इस ब्लॉक में लॉजिस्टिक पार्क और फिनटेक सिटी की स्थापना, जमीन अधिग्रहण को लेकर DM ने किया विजिट मुजफ्फरपुर में GTSE सेमिनार: छात्रों के सपने को दिशा देने का लिया संकल्प Bhagalpur में GTSE सेमिनार का भव्य आयोजन, विद्यार्थियों को मिली सही दिशा और प्रेरणा मुख्य सचिव ने की BIRSAC के कार्यों की समीक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी रहे मौजूद चीनी मांझे की चपेट में आने से कटी डॉक्टर की गर्दन, मौत से मचा हड़कंप Bihar News: घूसखोर दो क्लर्क को मदद पहुंचाना 'अधीक्षण अभियंता' को पड़ा महंगा, खेल के खुलासे के बाद S.E. को मिली यह सजा.... दही-चूड़ा भोज में तेजस्वी के नहीं आने पर बोले तेज प्रताप, कहा..जयचंदों ने उन्हें घेर रखा होगा
14-Jan-2026 05:13 PM
By Viveka Nand
Bihar News: भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता व प्रभारी अधीक्षण अभियंता वासुदेव कुमार मंडल को सरकार ने रिटायरमेंट के बाद दंड दिया है. तत्कालीन कार्यपालक अभियंता ने घूसखोर दो कर्मियों को मदद किया था. इस आरोप में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई. संचालन पदाधिकारी ने प्रभारी अधीक्षण अभियंता के खिलाफ लगे आरोप प्रमाणित पाए. इसके बाद रिटायर हो चुके प्रभारी अधीक्षण अभियंता की पेंशन कटौती कर ली गई है.
दो घूसखोर कर्मियों की मदद पहुंचाई थी....
पूर्णिया भवन प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता व प्रभारी अधीक्षक अभियंता (पूर्णिया अंचल) वासुदेव प्रसाद मंडल पर गंभीर आरोप थे. इन्होंने घूस लेते पकड़े गए दो कर्मी शत्रुघ्न प्रसाद सिंह (लिपिक) और रंजीत सिंह वरीय लेखा लिपिक जो किशनगंज में पदस्थापित थे, उन्हें अपने स्तर से ही निलंबन मुक्त कर भवन प्रमंडल खगड़िया में पदस्थापित किया था. इस संबंध में उन्होंने विभाग को सूचना नहीं देकर अंधकार में रख. वहीं एक अन्य कर्मी रंजीत सिंह को विभागीय निर्देश की अवहेलना करते हुए जेल से निकलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की थी.
पेंशन से 40 फीसदी की कटौती
इस आरोप में 5 जून 2014 को ही प्रभारी अधीक्षण अभियंता (पूर्णिया) वासुदेव प्रसाद मंडल के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई. संचालन पदाधिकारी ने 30 जुलाई 2025 को अपना प्रतिवेदन सौंपा, जिसमें वासुदेव मंडल के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए. इसके बाद सेवानिवृत हो चुके प्रभारी अधीक्षण अभियंता वासुदेव मंडल की पेंशन से 40 फ़ीसदी की राशि कटौती की गई है.