Bihar News: राज्यसभा जाने के बाद नितिन नवीन आज देंगे विधायक पद से इस्तीफा! बांकीपुर सीट पर उपचुनाव की आहट तेज Railway News : बिहार को रेलवे की बड़ी सौगात! पटना-अहमदाबाद समेत 3 नई ट्रेनों को मंजूरी, यात्रियों की बढ़ेगी सुविधा Patna Airport : पटना एयरपोर्ट से बड़ा बदलाव! इस शहर के लिए पहली सीधी फ्लाइट शुरू, 4 साल बाद रात में फिर से उड़ान सेवा बहाल Bihar weather update : बिहार में आंधी-बारिश का तांडव! 34 जिलों में तबाही, 70 किमी/घंटा हवा से फसलें बर्बाद, बिजली गुल बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब दरभंगा में एम्स निर्माण को मिली रफ्तार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर बढ़ा बिहार: मंगल पांडेय रामनवमी शोभा यात्रा देख घर लौट रहे दो दोस्त सड़क हादसे के शिकार, एक की मौत, दूसरे की हालत नाजुक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधान वैशाली में चलती कार से अपहरण, स्कॉर्पियो सवार बदमाश फरार
24-Nov-2022 11:46 AM
PATNA : बिहार सरकार के गृह विभाग ने प्रशिक्षु डीएसपी आशुतोष कुमार को एक बार फिर से निलंबित कर दिया गया है। कई मामलों के आरोप को लेकर आशुतोष कुमार पर एक्शन लिया गया है। उनपर हत्या, प्रशिक्षण से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और अवकाश स्वीकृत कराए राज्य से बाहर जाने का आरोप है। इसी मामले में डीएसपी पर कार्रवाई हुई है। गृह विभाग की तरफ से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
आपको बता दें, आशुतोष कुमार 56वीं से 59 वीं बैच के प्रशिक्षु डीएसपी हैं। वे इसी साल 16 जनवरी को जेल से बाहर आए थे। इसके बाद वे फिर सेवा में लग गए थे। लेकिन उन्हें फिर से निलंबित कर दिया गया है। 19 जनवरी 2022 के प्रभाव से उन्हें फिर निलंबित कर दिया गया है। गृह विभाग ने इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
वहीं, मुंगेर के डीआइजी मो. शफीउल हक की भी निलंबन अवधि बढ़ा दी गई है। उन्हें 24 मई, 2023 तक निलंबित कर दिया गया है। उनकी निलंबन अवधि 180 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। गृह विभाग ने बुधवार को इसका संकल्प जारी कर दिया। दरअसल, मुंगेर के रेंज डीआइजी पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कनीय पदाधिकारियों की मदद से अवैध वसूली की थी। EOU ने जब मामले की जांच की तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। इसके बाद उन्हें पुलिस मुख्यालय ने निलंबित कर दिया।