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05-Jan-2025 07:29 PM
By First Bihar
Fog impacts on patna airport: पटना एयरपोर्ट पर ठंड और कोहरे की घनी चादर छाई हुई है, जिसके चलते दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो गई है। लो विजिबिलिटी के कारण उड़ानों के संचालन में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे यात्रियों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को दिल्ली जाने वाली पहली उड़ान ही 3 घंटे की देरी से रवाना हुई। रविवार को 6 उड़ानें 50 मिनट से लेकर 4 घंटे तक लेट हुईं, जबकि 3 विमानों के उड़ान को रद्द करना पड़ा। इनमें दिल्ली, हैदराबाद और रांची जाने वाली उड़ानें शामिल हैं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, उड़ानों में देरी का मुख्य कारण कोहरा है। कोहरे के कारण रनवे की दृश्यता काफ़ी कम हो जाती है। वर्तमान में पटना में आंशिक कोहरा और धुंध की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा, यहाँ विमानों की लैंडिंग का सपोर्ट सिस्टम भी कमज़ोर है। इस वजह से 1000 मीटर से थोड़ी भी कम दृश्यता होने पर विमानों को उतारना मुश्किल हो जाता है। बता दें कि पटना का रनवे अपेक्षाकृत छोटा है। किसी भी विमान को उतरने के लिए ज़मीन से 2.5 डिग्री के क्षितिज पर उतरना सुरक्षित माना जाता है। लेकिन पटना एयरपोर्ट के रनवे के छोटा होने के कारण यहाँ 3 डिग्री पर विमानों को उतारना पड़ता है, जो कभी भी ख़तरनाक साबित हो सकता है।
कोहरे और कम दृश्यता में भी सुचारू लैंडिंग के लिए इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) बेहद ज़रूरी है। इसकी मदद से पायलट 'ब्लाइंड लैंडिंग' भी कर सकते हैं। हालाँकि पटना एयरपोर्ट पर ILS लगा तो दिया गया है, लेकिन यह ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम एक ऐसा सिस्टम है जो रनवे को सटीक रूप से देखने में मदद करता है। लैंडिंग के समय पायलटों को दूर से और सामने से रनवे को देखने और समझने के लिए यह दो रेडियो बीम का उपयोग करता है। बता दें कि किसी भी विमान के उड़ान के लिए कम से कम 800 मीटर से अधिक विजिबिलिटी होनी चाहिए लेकिन पटना एयरपोर्ट पर सुबह में विजिबिलिटी 800 मीटर से कम रहने के कारण विमानों के उड़ान पर खासा असर देखने को मिला।