ऑटो सवार 10 मजदूरों को ट्रक ने रौंदा, दो की दर्दनाक मौत, तिलक समारोह में काम करके लौट रहे थे घर Bihar School News: बिहार के इस जिले में 444 प्राइवेट स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, मान्यता रद्द करने का अल्टीमेटम Bihar School News: बिहार के इस जिले में 444 प्राइवेट स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, मान्यता रद्द करने का अल्टीमेटम हथियार के बल पर शिक्षक से लूटपाट का खुलासा, खगड़िया पुलिस ने 4 बदमाशों को किया गिरफ्तार Bihar Education News: बिहार के 253 स्कूलों के हेडमास्टर का वेतन रोकने का आदेश, शिक्षा विभाग ने क्यों ले लिया बड़ा एक्शन? Bihar Education News: बिहार के 253 स्कूलों के हेडमास्टर का वेतन रोकने का आदेश, शिक्षा विभाग ने क्यों ले लिया बड़ा एक्शन? Bihar Greenfield Airport: बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, 4228 एकड़ जमीन चिन्हित, जल्द शुरू होगा निर्माण Bihar Greenfield Airport: बिहार के इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, 4228 एकड़ जमीन चिन्हित, जल्द शुरू होगा निर्माण मोकामा लूट कांड का खुलासा: जनसुराज पार्टी का नेता निकला मास्टरमाइंड, BSF के पूर्व जवान समेत तीन गिरफ्तार मोकामा लूट कांड का खुलासा: जनसुराज पार्टी का नेता निकला मास्टरमाइंड, BSF के पूर्व जवान समेत तीन गिरफ्तार
05-Jan-2025 09:35 AM
By First Bihar
Bihar news : बिहार में अब जमीन और मकान खरीद-बिक्री को लेकर अब नए निर्देश जारी किया है। अब प्रोजेक्ट के नाम पर ग्राहकों से रुपये लेकर बिल्डर अब भाग नहीं सकेंगे। इतना ही नहीं भागने की स्थिति में प्रोमोटर व उनके सहयोगियों की चल-अचल संपत्ति नीलाम कर ग्राहकों को उनकी राशि लौटायी जायेगी। आवंटियों के हितों का ध्यान रखते हुए बिहार रियल इस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (रेरा) ने प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन के वक्त ही बिल्डरों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य कर दिया है। अब बिल्डरों को यह ब्योरा शपथ पत्र के माध्यम से देना होगा।
प्राधिकरण ने कहा कि रेरा अधिनियम के तहत प्रोमोटर किसी प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन वक्त ही अपनी कंपनी से जुड़े सभी निदेशक, पार्टनर्स या प्रोमोटर्स की जानकारी देंगे। इसके साथ ही निर्धारित फॉर्मेट में शपथ पत्र के माध्यम से अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा भी जमा करायेंगे। इसमें उनको बताना होगा कि किस राज्य, जिला, अंचल या गांव में उनकी अचल संपत्ति है। प्रॉपर्टी का मौजा, खाता व प्लॉट नंबर व क्षेत्रफल क्या है? संपत्ति का अनुमानित मूल्य या एमवीआर भी बताना होगा।
इसके अलावा प्राधिकरण के मुताबिक प्रोजेक्ट बंद होने या प्रमोटर्स के डिफॉल्टर साबित होने पर ग्राहकों की राशि लौटाने में काफी मशक्कत झेलनी पड़ती है। प्रमोटर्स खुद को दिवालिया घोषित कर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं। प्राधिकरण के पास संबंधित प्रोजेक्ट से जुड़े सभी प्रमोटर्स व पार्टनर्स का नाम व उनकी संपत्ति की विस्तृत जानकारी होने पर उस संपत्ति को नीलाम कर ग्राहकों को पैसा लौटाने में बिहार रेरा को आसानी होगी।