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21-Dec-2025 11:41 AM
By First Bihar
MHA Notification BSF : नए साल से पहले बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने पूर्व अग्निवीरों को बड़ी खुशखबरी दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने BSF में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों के आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से हजारों पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में स्थायी नौकरी पाने का बड़ा अवसर मिलेगा।
दरअसल, केंद्र सरकार ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स एक्ट, 1968 की धारा 141 की उप-धारा (2) के क्लॉज (b) और (c) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए BSF जनरल ड्यूटी कैडर (नॉन-गैजेटेड) भर्ती नियम, 2015 में संशोधन किया है। इसके तहत नए नियमों को “बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, जनरल ड्यूटी कैडर (नॉन-गैजेटेड) भर्ती (संशोधन) नियम, 2025” नाम दिया गया है। ये संशोधित नियम 18 दिसंबर 2025 से लागू हो चुके हैं।
नए नियमों के मुताबिक, BSF में हर भर्ती वर्ष के दौरान कांस्टेबल (GD) की कुल वैकेंसी में से 50 प्रतिशत सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा, 10 प्रतिशत सीटें पूर्व सैनिकों के लिए और 3 प्रतिशत तक सीटें कॉम्बैटाइज्ड कांस्टेबल (ट्रेड्समैन) को सीधी भर्ती के जरिए शामिल करने के लिए आरक्षित रहेंगी। यानी कुल मिलाकर अधिकांश पद उन युवाओं को मिलेंगे, जिन्होंने पहले से ही सेना या अर्धसैनिक बलों में सेवा का अनुभव हासिल किया है।
भर्ती प्रक्रिया होगी दो चरणों में
भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहला चरण: नोडल फोर्स द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत वैकेंसी पर सीधी भर्ती की जाएगी।
दूसरा चरण: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) के जरिए पूर्व अग्निवीरों के अलावा अन्य उम्मीदवारों के लिए शेष 47 प्रतिशत वैकेंसी भरी जाएगी। इसमें 10 प्रतिशत पूर्व सैनिकों का आरक्षण भी शामिल रहेगा। साथ ही, पहले चरण में यदि किसी विशेष श्रेणी में पूर्व अग्निवीरों की सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भी इसी चरण में भरा जाएगा।
महिला उम्मीदवारों के लिए अलग व्यवस्था
नियमों में महिला उम्मीदवारों के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। महिला कांस्टेबलों की वैकेंसी की गणना हर वर्ष डायरेक्टर जनरल, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स द्वारा काम की आवश्यकता और बल की जरूरतों के आधार पर की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि BSF में महिलाओं की भागीदारी जरूरत के अनुसार बनी रहे।
PST और PET से पूरी छूट
पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में एक और बड़ी राहत दी गई है। नए नियमों के तहत उन्हें फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से पूरी तरह छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि अग्निवीर पहले ही भारतीय सेना में शामिल होकर कठोर सैन्य प्रशिक्षण और शारीरिक परीक्षण से गुजर चुके होते हैं। ऐसे में उन्हें दोबारा फिजिकल टेस्ट से गुजरने की जरूरत नहीं है।
आयु सीमा में भी मिलेगी छूट
नियमों में पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। इससे वे युवा, जो अग्निवीर योजना के तहत अपनी सेवा पूरी कर चुके हैं, बिना किसी बड़ी बाधा के BSF में शामिल हो सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले के पीछे दो बड़े उद्देश्य हैं। पहला, अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार के अवसर देना। दूसरा, BSF जैसे अहम सीमा सुरक्षा बल में पहले से प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभव प्राप्त जवानों की तैनाती सुनिश्चित करना। इससे बल की कार्यक्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, BSF में पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का फैसला न सिर्फ उनके भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि देश की सीमाओं की सुरक्षा को भी और मजबूत बनाएगा। यह निर्णय अग्निवीर योजना के बाद रोजगार को लेकर उठ रही चिंताओं को काफी हद तक दूर करने वाला माना जा रहा है।