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03-Sep-2025 01:25 PM
By FIRST BIHAR
Patna News: राजधानी पटना में बुधवार को उर्दू और बांग्ला टीईटी अभ्यर्थियों ने जदयू कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है। अभ्यर्थी पिछले 10 से 12 वर्षों से रुके हुए रिजल्ट की घोषणा की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही और वर्षों से उन्हें अनदेखा किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। एहतियातन जदयू कार्यालय में तालाबंदी भी कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि साल 2013 में उनका रिजल्ट और मेरिट लिस्ट जारी किया गया था। कुछ का चयन भी हुआ, और कोर्ट के आदेश भी उनके पक्ष में आए। बावजूद इसके, सरकार ने अब तक न नियुक्ति दी, न फाइनल रिजल्ट जारी किया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना था कि हम हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से लेकर मुख्यमंत्री तक जा चुके हैं। कई बार लाठीचार्ज झेला है। फिर भी न्याय नहीं मिला। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो हम यहीं आत्मदाह करेंगे। प्रदर्शन में कई महिलाएं भी शामिल रहीं। उनके हाथों में तख्तियां थीं और वे लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद युवाओं का कहना था कि करीब 12,000 अभ्यर्थी वर्षों से उर्दू-बांग्ला विशेष शिक्षक पदों की नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि रिजल्ट में नाम आने के बाद पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर आवेदन लिया गया। हमें अलग-अलग स्कूलों में ज्वाइन करने की प्रक्रिया में भी शामिल किया गया। लेकिन अचानक हमें फेल घोषित कर दिया गया। यह अन्याय है। अभ्यर्थी लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे।
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