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21-Sep-2025 02:46 PM
By First Bihar
Bihar Assembly Election 2025 : शाहाबाद इलाके के आरा में आयोजित फर्स्ट बिहार कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLJD) के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने न केवल NDA के सहयोगियों को नसीहत दी बल्कि अपनी पत्नी के चुनाव लड़ने की संभावना पर भी खुलकर जवाब दिया।
मांझी और चिराग को दी सलाह
कुशवाहा ने सबसे पहले NDA के घटक दलों—हम (Hindustani Awam Morcha) के प्रमुख जीतन राम मांझी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान को सीधी सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि आप गठबंधन में हैं, तो फिर गठबंधन की मर्यादा बनाए रखना बेहद ज़रूरी है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा— हमें "एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप से हमें बचना चाहिए। ऐसा करने से न केवल हमारी अपनी छवि खराब होती है बल्कि पूरे NDA की साख को नुकसान पहुंचता है।"उन्होंने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस वक्त वोटों का बिखराव NDA की सबसे बड़ी कमजोरी रही। यदि विधानसभा चुनाव में भी यही स्थिति बनी रही तो इसका सीधा नुकसान गठबंधन को उठाना पड़ेगा।
"गोलकीपर ही सेल्फ गोल कर रहा है"
उपेंद्र कुशवाहा ने NDA की हार के कारणों पर बड़ा बयान देते हुए फुटबॉल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यदि टीम का गोलकीपर ही सेल्फ गोल कर दे, तो टीम कैसे जीत पाएगी? यही स्थिति NDA में हो रही है। उनका इशारा साफ था कि हार की असली वजह विपक्ष नहीं, बल्कि NDA के भीतर का अंतरकलह है। उन्होंने दोहराया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में सभी नेताओं को इस बात का खास ख्याल रखना होगा कि आपसी कलह से पार्टी या गठबंधन की स्थिति कमजोर न हो।
पत्नी के चुनाव लड़ने पर बड़ा खुलासा
कुशवाहा से जब उनकी पत्नी के चुनावी मैदान में उतरने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा। उन्होंने कहा—"यदि मेरी पत्नी चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो इसके लिए उन्हें मेरी इजाज़त की ज़रूरत नहीं होगी। उन्हें बस पार्टी में आवेदन देना होगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी पार्टी की सक्रिय सदस्य हैं। मीडिया में पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब इतना चर्चा में आ गया है कि अगर मन में पहले नहीं भी था, तो अब ख्याल आने लगा है।
NDA को एकजुट रहने की नसीहत
कुशवाहा ने मंच से बार-बार यही संदेश दिया कि NDA को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य सिर्फ सीट जीतना नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता में यह संदेश भी जाना चाहिए कि NDA एक मजबूत और भरोसेमंद विकल्प है। उन्होंने कहा कि जनता लोकसभा चुनाव में देख चुकी है कि कौन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और कौन निजी महत्वाकांक्षा के कारण गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।
मालूम हो कि बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और चुनाव आयोग जल्द तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में NDA के घटक दलों के बीच आपसी तालमेल बेहद अहम हो जाता है। उपेंद्र कुशवाहा का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें वह एकजुटता का संदेश देना चाहते हैं और साथ ही खुद की राजनीतिक जमीन को भी मजबूत करना चाहते हैं।
इधर,फर्स्ट बिहार कॉन्क्लेव में उपेंद्र कुशवाहा के बयान ने कई सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। मांझी और चिराग पासवान को नसीहत देकर उन्होंने गठबंधन की चुनौतियों की ओर ध्यान खींचा, वहीं पत्नी के चुनाव लड़ने की अटकलों पर भी बड़ा खुलासा कर दिया। अब देखना यह होगा कि उनकी यह सलाह NDA के सहयोगियों तक कितनी गंभीरता से पहुंचती है और क्या वास्तव में आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन इस बार में मैदान में उतर पाता है या नहीं।