ब्रेकिंग
अतीक अहमद के छोटे बेटे की सड़क हादसे में मौत, भाई से मिलने जेल जा रहा था आबान अहमदतेज रफ्तार ट्रक ने स्कूल वैन में मारी जोरदार टक्कर, हादसे में ड्राइवर समेत तीन मासूम घायलबांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में क्यों हुई BJP की दुर्गति? लालू प्रसाद के करीबी ने खोल दिए राजपटना को किसने डूबोया ? डिप्टी CM का हुआ रेस्क्यू..हजारो लोग बने थे जल कैदी, 'नीतीश' की ऐसी बदनामी कभी नहीं हुई, गुस्साये CM ने बैठाई थी हाईलेवल कमेटी, अब एक साथ 3 इंजीनियर 'बाइज्जत' बरीपेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन: IGIMS के आधा दर्जन MBBS छात्र सस्पेंड, हॉस्टल छोड़ने का आदेशअतीक अहमद के छोटे बेटे की सड़क हादसे में मौत, भाई से मिलने जेल जा रहा था आबान अहमदतेज रफ्तार ट्रक ने स्कूल वैन में मारी जोरदार टक्कर, हादसे में ड्राइवर समेत तीन मासूम घायलबांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में क्यों हुई BJP की दुर्गति? लालू प्रसाद के करीबी ने खोल दिए राजपटना को किसने डूबोया ? डिप्टी CM का हुआ रेस्क्यू..हजारो लोग बने थे जल कैदी, 'नीतीश' की ऐसी बदनामी कभी नहीं हुई, गुस्साये CM ने बैठाई थी हाईलेवल कमेटी, अब एक साथ 3 इंजीनियर 'बाइज्जत' बरीपेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन: IGIMS के आधा दर्जन MBBS छात्र सस्पेंड, हॉस्टल छोड़ने का आदेश

Bihar News: बिहार की धरती पर पहली बार टिशु कल्चर तकनीक से होगी केसर की खेती, इस यूनिवर्सिटी ने हासिल किया पेटेंट

Bihar News: बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने टिशु कल्चर तकनीक से केसर के पौधे विकसित किए, भारत सरकार से पेटेंट प्राप्त, अब ‘लैब टू लैंड’ मिशन के तहत किसानों तक पहुंचेगी।

Bihar News
प्रतिकात्मक
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के वैज्ञानिकों ने टिशु कल्चर विधि का इस्तेमाल करके नियंत्रित वातावरण में केसर के पौधे विकसित करने में सफलता हासिल की है। इस नवाचार को भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है, जो इसे वैज्ञानिक रूप से मान्यता प्राप्त उपलब्धि बनाता है।


अब बीएयू इस तकनीक को ‘लैब टू लैंड’ मिशन के तहत किसानों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पालीहाउस और शेडनेट में व्यापक परीक्षण किए जाएंगे और किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यदि ये प्रयोग सफल रहे, तो आने वाले वर्षों में बिहार में केसर का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो सकता है।


इससे किसानों की आय बढ़ेगी और फसल विविधीकरण को नई दिशा मिलेगी। केसर, जो सामान्यतः ठंडे प्रदेशों की बहुमूल्य फसल मानी जाती है, अब बिहार में भी उगाई जा सकेगी। यह कदम राज्य के कृषि क्षेत्र में नवाचार और आर्थिक विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता