Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट से दिल्ली की उड़ानें रद्द, नए साल में इंडिगो का बड़ा झटका Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट से दिल्ली की उड़ानें रद्द, नए साल में इंडिगो का बड़ा झटका पटना जंक्शन की सुरक्षा पर सवाल: पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से लूट लिए 22.50 लाख, ट्रेन की खाली बोगी में लूटपाट पटना जंक्शन की सुरक्षा पर सवाल: पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से लूट लिए 22.50 लाख, ट्रेन की खाली बोगी में लूटपाट थावे मंदिर चोरी कांड: प्यार, धोखा और साजिश का जाल, लव एंगल से जुड़ा करोड़ों की चोरी का मामला; मोहिनी से शुरू हुआ सारा खेल थावे मंदिर चोरी कांड: प्यार, धोखा और साजिश का जाल, लव एंगल से जुड़ा करोड़ों की चोरी का मामला; मोहिनी से शुरू हुआ सारा खेल New Year 2026: नए साल के पहले दिन माता की शरण में लोग, ताराचंडी मंदिर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ Bihar Police: एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात के पास से मिला हथियारों का जखीरा, PHQ ने बताया कितना खतरनाक था यह अपराधी Bihar Police: एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात के पास से मिला हथियारों का जखीरा, PHQ ने बताया कितना खतरनाक था यह अपराधी Pakistan drone: नए साल के पहले दिन पुंछ में दिखा पाकिस्तानी ड्रोन, भारतीय सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया
26-Aug-2025 01:33 PM
By First Bihar
Bihar Richest Districts: बिहार को अभी भी देश के बीमारू राज्यों में गिना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां आर्थिक और सामाजिक स्तर पर काफी बदलाव देखने को मिले हैं। जिलेवार आंकड़ों से यह साफ होता है कि बिहार के कुल 38 जिलों में से 5 जिले ऐसे हैं जहां प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है और ये जिले राज्य के सबसे अमीर जिलों की सूची में शामिल हैं। ऐसे जिले जहां उद्योग-धंधे, सेवाएं, कारोबार, शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर सड़क-रेल कनेक्टिविटी अच्छी तरह विकसित हैं, उन्हें आर्थिक दृष्टि से समृद्ध माना जाता है।
बता दें कि, राज्य के अमीर जिलों की सूची में पटना पहले स्थान पर है। 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार, पटना की प्रति व्यक्ति औसत आय 1,21,396 रुपये है, जो इसे बिहार का सबसे समृद्ध जिला बनाती है। पटना न केवल आर्थिक रूप से मजबूत है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और प्रशासनिक केंद्र के रूप में भी जाना जाता है। इस जिले से देश के मशहूर शिक्षक आनंद कुमार (Super 30 के संस्थापक) और उद्योगपति अनिल अग्रवाल जैसे प्रभावशाली नाम भी जुड़े हैं, जिन्होंने पटना और बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वहीं, दूसरे स्थान पर बेगूसराय का जिला है, जहां प्रति व्यक्ति आय 49,064 रुपये है। बेगूसराय बिहार के पूर्वी हिस्से में स्थित है और यह क्षेत्र उद्योग और ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। यह जिला राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि के रूप में भी प्रसिद्ध है, जो इसे सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है। यहां के औद्योगिक विकास ने जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद की है।
तीसरे नंबर पर मुंगेर जिले का नाम आता है, जिसकी प्रति व्यक्ति आय 46,795 रुपये है। मुंगेर अपने ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। यह जिला हथियार निर्माण, कुटीर उद्योग और योग परंपरा के लिए भी प्रसिद्ध है। मुंगेर के विकास में पर्यटन और छोटे उद्योगों का भी बड़ा योगदान रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
चौथे स्थान पर भागलपुर है, जहां प्रति व्यक्ति आय 46,271 रुपये है। भागलपुर को ‘सिल्क सिटी’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह तुस्सर रेशम और भागलपुरी साड़ियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा, भागलपुर शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां की सिल्क इंडस्ट्री न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी प्रदान करती है।
पांचवें स्थान पर रोहतास जिला है, जहां प्रति व्यक्ति आय 34,881 रुपये है। रोहतास खनिज संसाधनों, विशेष रूप से सीमेंट उद्योग और कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है। रोहतासगढ़ किला जैसे ऐतिहासिक स्थलों के कारण यह जिला पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। जिले में कृषि की प्रमुख फसलें हैं, जो यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करती हैं।
इन जिलों में हुए विकास से यह स्पष्ट होता है कि बिहार आर्थिक रूप से तेजी से प्रगति कर रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के कारण यहां के लोग रोजगार और जीवन स्तर में सुधार महसूस कर रहे हैं। हालांकि, राज्य के अन्य जिलों को भी इस विकास के साथ जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है, जिससे बिहार की समग्र अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थायी हो सके।