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पहले मुझे फिर देवी जैसी बहन को निकाला, आरजेडी पर भड़के तेजप्रताप, कहा..अगली बार 25 से 5 पर आने में देर नहीं लगेगी

तेज प्रताप यादव ने आरजेडी नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी से लगातार लोगों को निकालने से हालात खराब हो रहे हैं। बहन रोहिणी के जाने पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार आरजेडी 25 से 5 सीट पर सिमट सकती है।

बिहार

19-Nov-2025 02:14 PM

By First Bihar

PATNA: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय जनता दल को लेकर कहा है कि यदि यही रवैय्या रहा तो 25 से 5 सीट आने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने आगे कहा कि यदि ये लोग सबको बाहर निकालेंगे तब फिर पार्टी में कौन रहेगा?


बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के बाद लालू फैमिली में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। रोहिणी आचार्य के पार्टी और परिवार से नाता तोड़ने को लेकर तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। कहा कि ऐसा ही होता रहा तो आरजेडी में कौन बचेगा? 


तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल के इंस्टा अकाउंट पर तेजस्वी और आरजेडी पर हमला बोला है। तेज प्रताप ने पार्टी से पूछा कि सबको निकालोगे तो आरजेडी में कौन रहेगा? यह सवाल सिर्फ मैं ही नहीं पूछ रहा,बिहार की जनता भी पूछ रही है। तेजप्रताप ने इंस्टा पर अपनी पार्टी के अकाउंट पर लिखा कि 🔥 “सबको निकालोगे तो रहेगा कौन?” यही सवाल अब जनता पूछ रही है 🔥


जब मुझे निकाला गया था, तो यही लोग सोच रहे थे कि “तेजप्रताप तो फ़ालतू है, इससे क्या फ़र्क पड़ेगा?” मुझे रोककर रखा गया… मेरी आवाज़ दबाई गई… फिर भी मैं पूरे मन से पार्टी में लगा रहा। लेकिन जिस दिन मैं बाहर निकला— और “नई RJD” की सच्चाई जनता के सामने रखी, उसी दिन इनको समझ आ गया कि इन्होंने क्या खोया है।


देखिए खुद आँकड़े क्या कहते हैं:

2015 — 80 सीट

2020 — 75 सीट

2025 — 25 सीट


तेज प्रताप ने कहा कि ये गिरावट मैं नहीं— जनता बता रही है कि गलती कहाँ हुई। और मज़ेदार बात— आज वही लोग पूछ रहे हैं: “सबको निकालोगे तो रहेगा कौन?” अफसोस यही सवाल तो आज जनता पूछ रही है — “पार्टी बची कहाँ है?” 


पहले मुझे निकाला, फिर देवी जैसी मेरी बहन रोहिणी जी को निकाला। पूरा बिहार हँस रहा था— कि जिस परिवार ने लोगों को हँसाया और रुलाया, वहीं आज खुद मज़ाक का पात्र बन गया। इज़्ज़त का तमाशा जब-जब हुआ है पार्थ, धर्म ने हस्तिनापुर ही नहीं, पूरा इतिहास बदल दिया है।


आज बिहार की बहनों–बेटियों की आवाज़ फिर न्याय माँग रही है…और मैं वचन देता हूँ— जिसने भी सम्मान को ललकारा, विनाश उसका सुनिश्चित है। ये राजनीति नहीं, जनता की चीरही रक्षा का युद्ध है। तेजप्रताप ने आगे लिखा कि याद रखना— अगली बार 25 से 05 पर आने में देर नहीं लगेगी।


ये तो सिर्फ़ 20 दिन का ही कमाल है यदि मैं पूरे बिहार में घूमता तो इसी बार ये पांच सीट पर आ जाते ।  हम लोग 44 सीटो पर लड़े थे वहाँ आरजेडी को मात्र 5 सीट ही मिली । बिहार की जनता समझ चुकी है कि RJD अब लालू जी की विचारधारा वाली पार्टी नहीं, बल्कि जयचंदों द्वारा हथियाई गई पार्टी बन चुकी है।


जहाँ सिद्धांत की जगह चाटुकार बैठा हो, और समर्पण की जगह षड्यंत्र…वहाँ सवाल भी खोखले लगते हैं। मैंने कभी किसी को नहीं निकाला— मुझे तो मेरे ही घर से, मेरे ही लोगों से दूर किया गया। फिर भी जिस दिन जनता ने मुझे सुना एक बात साफ़ हो गई ! राजनीति कुर्सी की नहीं— चरित्र की होती है। आज लोग ये नहीं पूछ रहे— “कौन रहेगा?” आज बिहार ये पूछ रहा है—“कौन सच के साथ खड़ा है?” और इसका जवाब वही देगा— जिसके पास जनता का प्रेम है, न कि चापलूसों की भीड़।