PATNA: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की। जिनमें कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी, और भाकपा माले के नेता दीपांकर भट्टाचार्य सहित महागठबंधन के कई नेता शामिल हुए। यह बैठक मतगणना की रणनीति को लेकर  बुलाई गई थी। बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से बातचीत की। 


गुरुवार शाम में पटना में आयोजित महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, सीपीआई माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेता मौजूद रहे। काउंटिंग के 12 घंटे पहले महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने मतगणना में लगे अधिकारियों को चेतावनी दी। कहा कि 2020 वाली गलती नहीं होनी चाहिए। काउंटिंग में किसी भी तरह की गड़बड़ी ना करें। अगर किसी अधिकारी ने 2020 के चुनाव वाली गलती दोहराई और काउंटिंग के दौरान गड़बड़ी की तो करारा जवाब मिलेगा।


तेजस्वी ने आगे कहा कि अगर किसी मतगणना अधिकारी ने अन्याय और अंसवैधानिक काम किया तो उसका जवाब जनता देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो ईमानदारी से मतगणना कार्य करेगा, उनको डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन किसी के इशारे पर काम करने वाले और लिमिट क्रॉस करने वाले अफसरों को सोचना पड़ेगा। तेजस्वी ने यह दावा किया कि महागठबंधन भारी बहुमत से चुनाव जीत रहा है।


तेजस्वी ने कहा कि पिछली बार क्या हुआ, यह हम सब लोग जानते हैं। इसलिए हम तमाम  अधिकारियों से यह अपील करते हैं कि निष्पक्ष रूप से मतगणना कार्य कराये। बिहार की जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है, उनके साथ न्याय नहीं करें। ऐसा प्रोपगेंडा फैलाया जा रहा है कि भाजपा के लोग चुनाव जीत रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि भाजपा के लोग इसलिए डरे हुए हैं कि उनकी सरकार जा रही है।


तेजस्वी यादव ने चुनाव में लगे अधिकारियों पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा कि पटना और दिल्ली से कई अधिकारियों को कॉल आ रहा है। उनसे कहा गया है कि मतगणना का कार्य धीमी गति से कराये। एनडीए जीत रहा हो तो चुनाव घोषित कर दिया जाए लेकिन जब महागठबंधन जीत रही हो तो रिजल्ट घोषित ना किया जाए। तेजस्वी ने कहा कि बिहार के युवाओं ने बदलाव के लिए महागठबंधन को वोट किया है। अधिकारियों को इस बात का ख्याल रखना होगा।

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