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24-Jan-2026 12:46 PM
By First Bihar
Bihar politics : बिहार की दूसरी बड़ी पार्टी जेडीयू में इन दिनों आरसीपी सिंह का नाम जोर-शोर से सुना जा रहा है। कभी वह नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेता माने जाते थे, लेकिन बाद में उनका राजनीतिक सफर ऐसा रहा कि न तो वे अर्श पर टिके और न फर्श पर। अब वे घर वापसी की राह तलाश रहे हैं, लेकिन जेडीयू के एक बड़े नेता और उनकी ही जाती से आने वाले नेता ने उनके नाम पर “नो एंट्री” का संदेश दे दिया है।
दरअसल,आज बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने आरसीपी सिंह के जेडीयू में वापसी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि - “पता नहीं नफरत क्यों फैला है? कल तक वही लोग कहते थे नीतीश कुमार जी कुछ नहीं हैं, बीमार हैं, लाचार हैं, अफसर चला रहे हैं। आज वही लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं तो जरूर कुछ बात होगी। जो लोग नीतीश जी को खत्म करने में लगे थे, आज वे उनके मंदिर में आशीर्वाद लेने क्यों आ रहे हैं?”
श्रवण कुमार ने यह भी कहा कि -"हकीकत यह है कि आप नीतीश कुमार जी को खत्म करने पर लगे हुए थे आप किस सोच से चल रहे थे? यह नेता जी पहले तो भाजपा में गए और भाजपा जाने के बाद जब लगा कि वहां से कुछ आशा नहीं है तो फिर खुद की पार्टी बनाई और अपना दुकान भी जब नहीं चला तो दूसरे की दुकान में अपनी पार्टी को मर्ज कर लिया और जिस पार्टी में मर्ज किया उसके जो संस्थापक थे और नेता थे वह कहते थे कि -" नीतीश कुमार जी को यदि एक सीट आ गया तो हम संन्यास ले लेंगे। " तो अब सन्यासी लोगों का जो जमात है वह संन्यास लेने के बजाय नीतीश जी के मंदिर में आशीर्वाद लेने की क्यों कोशिश कर रहे हैं आखिर उसकी जरूरत क्यों पड़ गई ?"
इसके आगे उन्होंने कहा कि- जो लोग नीतीश कुमार जी को पूरी तरह से खत्म करने पूरी तरह से समाप्त करने की दिशा में पहल कर रहे थे और हम सब लोगों को जितने भी जदयू के लोग थे, जितने भी एनडीए के लोग थे सबको फिनिश करने में यह लोग लगे हुए थे। तो आप सोच लीजिए कि जब यह लगे हुए थे फिनिश करने में तो इसे तो हम लोग फिनिश नहीं हुए लेकिन इनको बिहार की जनता ने जरूर फिनिश कर दिया तो फिनिश होने के बाद अभी इधर आ रहे हैं या बात मेरे समझ में नहीं आती है।
इधर आजकल जो लोग उनके लिए है "हाय तौबा मचा रहे हैं" उनसे पूछिए यदि हम लोग इस बार 85 सीट पर नहीं आते और 25 पर ही आउट हो जाते तो हम लोगों के मंदिर में कोई पूजा करने आता क्या हम लोगों को कोई पुजारी भी मिलता। पुजारी जो है और माथा टेकने वाले जो लोग हैं तब इधर आना चाहते हैं जब खुद फिनिश हो गए और यहां कुछ चाहते होंगे।
इससे पहले ललन सिंह ने भी आरसीपी सिंह को लेकर कहा कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी उनके जदयू में आने की संभावना को नकार दिया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि जदयू में ऐसे लोगों का कहीं स्थान नहीं है। उन्होंने जदयू को 72 से 42 पर पहुंचा दिया था। इस पार्टी के जो समर्पित कार्यकर्ता हैं और बिहार की जनता ने फिर से नीतीश कुमार को 42 से 85 पर पहुंचा दिया। ऐसे में 72 से 42 सीट पर पहुंचाने वाले लोग यहां आकर क्या ही करेंगे?
आरसीपी सिंह के जदयू में लौटने की संभावना को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पहले ही इसे दो टूक खारिज कर दिया था। इस दौरान उन्होंने साफ कहा था कि पार्टी को 42 सीटों पर ला देने वाले नेता की जदयू में कोई जगह नहीं है। अब नीतीश कुमार के एक और खास मंत्री ने आरसीपी सिंह की संभावित एंट्री पर दो टूक ना कह दिया है।