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30-Sep-2025 10:12 AM
By First Bihar
Pawan Singh : भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार और गायक से नेता बने पवन सिंह एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनकी राजनीति में सक्रिय वापसी को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, पवन सिंह जल्द ही एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में शामिल हो सकते हैं और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। मंगलवार को दिल्ली में उनकी मुलाकात आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से होने वाली है, जिसके बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।
इससे पहले सोमवार को पवन सिंह ने दिल्ली में बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि एनडीए के भीतर उनके चुनावी रोल को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। जानकारी यह भी सामने आई है कि पवन सिंह आरा विधानसभा सीट से एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहते हैं। अगर ऐसा होता है तो शाहाबाद इलाके (भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर) की 22 सीटों पर पवन सिंह का असर पड़ सकता है।
पवन सिंह भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार हैं और उनकी लोकप्रियता गांव से लेकर शहर तक फैली हुई है। हाल ही में उन्होंने बिजनेस टायकून अशनीर ग्रोवर के रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ से खुद को अलग कर लिया था। शो छोड़ते वक्त उन्होंने कहा था— “मेरी जनता ही मेरा भगवान है और चुनाव के समय मेरा फर्ज है कि मैं उनके बीच रहूं।” इस बयान से साफ हो गया था कि पवन सिंह अब राजनीति में पूरी तरह एक्टिव होने जा रहे हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोकी थी। भले ही वे चुनाव हार गए, लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि उनके पास जमीनी जनाधार है। काराकाट ही नहीं, बल्कि बक्सर और सासाराम जैसे इलाकों में भी पवन सिंह का असर देखने को मिला। उस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा, जिसे पवन सिंह की मौजूदगी से जोड़कर देखा गया।
हाल ही में पवन सिंह ने आरा में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता आरके सिंह से भी मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद आरके सिंह ने कहा था कि “पवन सिंह को बीजेपी में आना चाहिए।” यह बयान संकेत देता है कि पवन सिंह की वापसी की राह लगभग साफ हो चुकी है।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले पवन सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की भी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, “तेजस्वी जब बोलते हैं तो दिल को छू जाते हैं। वो जमीनी नेता हैं।” जब उनसे पूछा गया कि तेजस्वी को 9वीं फेल कहा जाता है तो क्या वे विकास कर पाएंगे? इस पर पवन ने हंसते हुए कहा था— “मैं भी तो 6वीं पास हूं, लेकिन मेरे पास पढ़े-लिखे लोग काम करते हैं। काम करने की नीयत होनी चाहिए, पढ़ाई ही सब कुछ नहीं है।” उनके इस बयान ने काफी चर्चा बटोरी थी और राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठा था कि क्या पवन सिंह का झुकाव महागठबंधन की ओर है।
राजनीति और फिल्मों से अलग पवन सिंह अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में हैं। उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह भी राजनीति में उतरने की तैयारी कर चुकी हैं। हाल ही में ज्योति सिंह ने मुकेश सहनी से मुलाकात की थी और खुद कई बार सार्वजनिक तौर पर यह एलान कर चुकी हैं कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। हालांकि, इस बीच पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। तलाक की कानूनी लड़ाई के बीच ज्योति सिंह अक्सर सोशल मीडिया पर पवन सिंह को लेकर इमोशनल पोस्ट करती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने पवन सिंह का एक वीडियो साझा कर फेसबुक पर स्टेटस भी लगाया था।
अगर पवन सिंह वाकई एनडीए का हिस्सा बनते हैं तो गठबंधन को बड़ा फायदा मिल सकता है। खासतौर पर भोजपुर और आसपास के जिलों में जहां भोजपुरी फिल्मों का गहरा असर है और पवन सिंह की लोकप्रियता वोटों में तब्दील हो सकती है। भोजपुरी सिनेमा के अन्य कलाकारों की तरह पवन सिंह भी राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाने की कोशिश में हैं।
बहरहाल, पवन सिंह की राजनीति में वापसी बिहार की सियासत को नया मोड़ दे सकती है। एनडीए पहले से ही विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा है और ऐसे में पवन सिंह जैसा स्टार चेहरा उनके लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। अब सबकी निगाहें आज दिल्ली में होने वाली उनकी उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात पर टिकी हैं। अगर मुलाकात सफल रहती है तो जल्द ही पवन सिंह की एनडीए में एंट्री का औपचारिक ऐलान हो सकता है।