जहानाबाद: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, SP ने 6 थानाध्यक्ष समेत 50 पुलिसकर्मियों का किया तबादला, नीचे देखें पूरी लिस्ट.. सुपौल प्रखंड कार्यालय में DM का छापा, BDO-CO सहित कई कर्मचारी मिले गायब नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले से छोटी बहन इंदू नाराज, बोलीं..भईया बिहार छोड़ेंगे तो बहुत कमी महसूस होगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? बेतिया में साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैट में मिला पाकिस्तान का कोड रश्मिका-विजय की रिसेप्शन पार्टी में नंगे पैर क्यों पहुंचे एक्टर राम चरण? हैरान कर देगी वजह रश्मिका-विजय की रिसेप्शन पार्टी में नंगे पैर क्यों पहुंचे एक्टर राम चरण? हैरान कर देगी वजह Traffic Challan: ट्रैफिक चालान भरना हुआ आसान, अब घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन भुगतान नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने से JDU में भारी असंतोष, पार्टी के बड़े नेता ने साजिश की जताई आशंका; कहा- मुख्यमंत्री को शेल्टर में भेज दिया गया
10-Nov-2025 02:34 PM
By First Bihar
Government Schools: पटना जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए जिला शिक्षा कार्यालय ने तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल के तहत स्कूलों में टैबलेट के माध्यम से बच्चों की सामूहिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी। प्रत्येक क्लास टीचर अपने क्लास के बच्चों की सामूहिक तस्वीर लेकर अपनी लॉगिन आईडी से ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपस्थिति अपलोड करेंगे।
जिला शिक्षा कार्यालय ने इस प्रक्रिया को दिसंबर महीने से शुरू करने का निर्णय लिया है। जिले के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। कुछ स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण तीन टैबलेट भी प्रदान किए गए हैं।
जिला शिक्षा कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्लास टीचर रोजाना अपने-अपने क्लास के बच्चों का सामूहिक फोटो खींचेंगे। तस्वीर इस तरह ली जाएगी कि बच्चों के चेहरे स्पष्ट रूप से दिखाई दें और फोटो केवल एक दिशा से नहीं बल्कि वर्ग के चारों तरफ से लिया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि उपस्थिति में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
प्रारंभिक स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां रोजाना बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन में भाग लेने वाले बच्चों की संख्या टैबलेट के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य स्कूलों में बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और मध्याह्न भोजन में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है। अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि स्कूल में बच्चे कम रहते हैं, लेकिन मीड-डे मील में अधिक संख्या दिखाई जाती है।
शिक्षक भी टैबलेट के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। एक टैबलेट का उपयोग बच्चों की उपस्थिति, स्कूल में हो रही गतिविधियों, नियमित कक्षाओं और मध्याह्न भोजन में भाग लेने वाले बच्चों की संख्या दर्ज करने के लिए किया जाएगा, जबकि दूसरा टैबलेट शिक्षक उपस्थिति और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रयोग करेंगे।
इस नई पहल से न केवल स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना भी आसान होगा। जिला प्रशासन का मानना है कि यह प्रणाली शिक्षा गुणवत्ता सुधारने और अनियमितताओं को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगी।