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27-Oct-2025 07:10 AM
By First Bihar
Chhath Pooja: छठ महापर्व के लिए राजधानी पटना के गंगा घाट और तालाब पूरी तरह से तैयार हैं। श्रद्धा और आस्था के इस महापर्व का पहला अर्घ्य सोमवार को 'पूर्वाषाढ़ा' नक्षत्र में अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को दिया जाएगा, जबकि मंगलवार को 'उत्तराषाढ़ा' नक्षत्र में उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस साल पटना में 78 घाटों पर व्रती अर्घ्य दिया गया, वहीं 60 कृत्रिम तालाबों का भी निर्माण किया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की सुविधा न हो।
ज्योतिषाचार्य पी.के. युग के अनुसार, मंगलवार की सुबह 'उभयचर' और 'अमलाकृति' जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जो छठ व्रत को और अधिक फलाद्यमिज़ाज बनाते हैं। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रत तोड़ेंगे। पं. प्रेमसागर पांडे ने बताया कि डूबते सूर्य को सूर्य से आधा घंटा पहले और उदयमान सूर्य के लाल होने के बाद अर्घ्य देना शुभ होता है।
रविवार को छठ व्रत के दूसरे दिन 'करना' पूजा बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुई। सूर्य के बाद व्रतियों ने केले के पत्ते पर अरवा चावल, गंगाजल, दूध, गुड़ से बनी खीर, रोटी और केला प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। इस प्रसाद के सेवन के बाद ही व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत ग्रहण करते हैं।
छठ महापर्व को देखते हुए जिले में प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के बारे में चार-चार देवों पर नजर रखी है। राजधानी के 35 प्रमुख गंगा घाटों पर 187 ब्लूटूथ कैमरे लगे हुए हैं जिनमें हर गतिविधि पर निगरानी रखी जाएगी। पटना जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियों के 550 घाटों पर छठ व्रत होते हैं, जिन पर 444 संगतों की परंपराएं मनाई जाती हैं। इसके अलावा सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य विभाग में भी फिजीशियन मेडिकल रिसर्च की नियुक्ति की गई है ताकि किसी भी राज्य में तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जा सके।
पूजा की लहर छठ को लेकर पूरे बिहार में अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है। गढ़ के प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर और पटना जिले के उलार सूर्य मंदिर परिसर में अराध्य का सालाब ज्वालामुखी स्थित है। राज्यभर में लगभग 8500 छठ घाटों पर अर्घ्य देने की व्यवस्था की गई है। इन लक्ष्यों पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (सार्वजनिक आपदा प्रतिक्रिया बल) के विशेष संकेत दिए गए हैं। कुल 15 स्थानों पर युवाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली जा रही है ।
इसके अलावा पटना नगर निगम ने घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और मेडिकल कैंप की भी व्यवस्था की है। गंगा नदी के किनारे स्थित खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग की जा रही है ताकि गंगा नदी के किनारे स्थित खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग की जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घरों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और सुरक्षित स्थानों पर जाने से रोकें।