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29-Sep-2025 08:55 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार में किसानों को सब्जियों के बेहतर भंडारण और विपणन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता विभाग ने अगले दो वर्षों में प्रदेश के सभी 534 प्रखंडों में आधुनिक सब्जी केंद्र (Vegetable Centers) बनाने की योजना तैयार की है। प्रत्येक सब्जी केंद्र 10-10 हजार वर्गफीट भूमि पर बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर प्रति केंद्र लगभग 96 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक की लागत आएगी।
सहकारिता विभाग का मानना है कि सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों को अक्सर अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता, क्योंकि उनके पास भंडारण और संरक्षण की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। कई बार मजबूरी में उन्हें औने-पौने दामों पर अपनी उपज बेचनी पड़ती है। नए सब्जी केंद्रों के बनने से किसानों को सब्जियों के संग्रहण, संरक्षण और विपणन की अत्याधुनिक सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें अधिक लाभ मिलेगा और बिचौलियों पर उनकी निर्भरता भी कम होगी।
सहकारिता विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रत्येक प्रखंड स्तर पर बनने वाले सब्जी केंद्रों में 10 टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज बनाया जाएगा। साथ ही 20 टन क्षमता का गोदाम और भंडारण गृह होगा। इसके अलावा किसानों से सब्जियों के संग्रहण के लिए विशेष केंद्र, छंटाई और पैकेजिंग शेड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न केवल सब्जियों की गुणवत्ता बनी रहेगी, बल्कि पैकेजिंग के बाद उन्हें बड़े बाजारों और सुपरमार्केट तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
सब्जी केंद्रों के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का जिम्मा कृषि विभाग को दिया गया है। प्रत्येक प्रखंड में करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन इस उद्देश्य के लिए चिन्हित की जाएगी। सहकारिता विभाग का मानना है कि प्रखंड स्तर पर तैयार हो रही यह आधारभूत संरचना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगी और किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बड़े बाजारों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करेगी।
सहकारिता विभाग ने यह भी तय किया है कि प्रखंड स्तर के बाद पंचायत स्तर पर भी सब्जी केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे शीघ्र ही राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। पंचायत स्तर पर सब्जी केंद्र बनने से किसानों को अपने गांव के आसपास ही उपज की बिक्री और संरक्षण की सुविधा मिलेगी।
सब्जी केंद्रों के साथ-साथ सहकारिता विभाग ने जैविक सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने की भी योजना बनाई है। इसके लिए किसानों को जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अनुदान देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभाग का मानना है कि जैविक सब्जियों की मांग न केवल देश के अंदर बल्कि विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है।
पिछले माह सहकारिता विभाग ने बिहटा एयरपोर्ट से जैविक सब्जियों की खेप थाईलैंड, बैंकाक और दुबई तक भेजी थी। यह पहल बिहार के किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का दावा है कि यदि किसानों को संरक्षित और पैकेजिंग की बेहतर सुविधा मिलेगी, तो बिहार के जैविक उत्पाद विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि सब्जी केंद्रों की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। सब्जियों के संरक्षण और पैकेजिंग से बर्बादी पर रोक लगेगी और बाजार में किसानों को उचित मूल्य मिलेगा।
सहकारिता विभाग का यह कदम राज्य के कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकता है। अगर योजना समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में बिहार सब्जियों के मामले में आत्मनिर्भर बन सकता है और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।