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06-Oct-2025 09:11 AM
By First Bihar
Chhath Mahaparv 2025: बिहार के लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी पटना में जोरों पर है। दीघा से लेकर पटना सिटी तक गंगा के 91 घाटों और शहर के 62 तालाबों को व्रतियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जा रहा है। नगर निगम इस बार घाटों की सफाई, मरम्मत और सजावट पर 13.91 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। बढ़ते गंगा जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा घेराबंदी, रेलिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश पर रविवार को नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी और अभियंता टीम ने दीघा से लेकर पटना सिटी तक सभी घाटों का निरीक्षण किया।
इस बार गंगा का बढ़ा जलस्तर घाट निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी संवेदकों को युद्ध स्तर पर काम पूरा करने का निर्देश दिया है। खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा घेराबंदी की जा रही है, साथ ही चेतावनी बोर्ड और रेलिंग का निर्माण कराया जा रहा है ताकि व्रतियों को किसी तरह की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े।
प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी घाटों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट का सर्वे और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। दीघा से दमराजी घाट तक कुल 40 हाई मास्ट लाइटें लगी हैं, जबकि कलेक्ट्रेट से दमराजी घाट तक लगभग 620 स्ट्रीट लाइटें स्थापित हैं। इन सभी की जांच की जा रही है और जहां आवश्यकता है वहां मरम्मत भी कराई जा रही है। घाटों के एप्रोच रोड पर भी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और परीक्षण कार्य जारी है।
इस बार छठ महापर्व के दौरान भीड़ और जलस्तर दोनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है। घाटों पर बैरिकेडिंग, रेत भराई और एप्रोच रोड की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर है। प्रशासन ने तय किया है कि जिन घाटों पर जलस्तर का खतरा अधिक है वहां श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उन्हें सुरक्षित घाटों की ओर निर्देशित किया जाएगा। इसके साथ ही, भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल की विशेष तैनाती की जाएगी।
लोक आस्था का यह पर्व बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बीच भी गहरी आस्था से जुड़ा हुआ है। पटना के गंगा घाटों पर लाखों व्रती और श्रद्धालु जुटते हैं, ऐसे में नगर निगम और जिला प्रशासन किसी प्रकार की चूक नहीं करना चाहता। यही कारण है कि इस बार तैयारियों को समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर निगम का दावा है कि छठ व्रतियों को स्वच्छ, सुरक्षित और रोशन घाट उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि गंगा घाटों के साथ-साथ शहर के 62 तालाबों को भी व्रतियों के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को विकल्प उपलब्ध हो और भीड़ का दबाव कम हो।