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25-Jan-2026 08:13 AM
By First Bihar
Patna ambulance fire : पटना के अटल पथ पर शनिवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आइजीआईएमएस से पीएमसीएच जा रही एक एंबुलेंस में अचानक आग लग गई। एंबुलेंस में एक बुजुर्ग रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे और उनके साथ चार स्वजन सवार थे। गनीमत रही कि समय रहते राहगीरों की सूझबूझ और यातायात पुलिस की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि इस घटना में एंबुलेंस पूरी तरह जलकर खाक हो गई, वहीं चालक के फरार हो जाने से कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद जिले के निवासी राजदेव पासवान खगौल में किराये के मकान में रहते हैं। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें आइजीआईएमएस रेफर कर दिया। लेकिन आइजीआईएमएस में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें पीएमसीएच भेजने का निर्णय लिया गया।
स्वजनों ने बताया कि आइजीआईएमएस से पीएमसीएच ले जाने के लिए एक निजी एंबुलेंस चालक से 2500 रुपये में बात तय हुई थी। इसके बाद शनिवार की शाम एंबुलेंस आइजीआईएमएस से मरीज और उनके चार स्वजनों को लेकर अटल पथ के रास्ते पीएमसीएच के लिए रवाना हुई। राजीव नगर फ्लाईओवर पार करने के कुछ ही देर बाद एंबुलेंस के भीतर से धुएं की गंध आने लगी। पहले तो स्वजनों को लगा कि बाहर कहीं आग लगी होगी, लेकिन देखते ही देखते धुआं तेज हो गया।
स्वजनों ने चालक को आवाज देकर तुरंत एंबुलेंस रोकने को कहा। जैसे ही दीघा फ्लाईओवर के पास एंबुलेंस रुकी, तभी एंबुलेंस के भीतर रखे बेड के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक एंबुलेंस छोड़कर मौके से फरार हो गया। चालक के भागते ही मरीज के साथ मौजूद स्वजन घबरा गए और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
संयोग से उस समय अटल पथ से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने शोर सुना और तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। आग तेजी से फैल रही थी और एंबुलेंस धू-धू कर जलने लगी थी। मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर था, इसलिए स्थिति और भी नाजुक हो गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए ऑक्सीजन पाइप को तोड़ा और स्ट्रेचर सहित बुजुर्ग मरीज को बाहर निकाला। उनके साथ चारों स्वजनों को भी सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
जैसे ही सभी लोग एंबुलेंस से बाहर निकले, कुछ ही पलों में टायर सहित पूरी एंबुलेंस आग की चपेट में आ गई। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं दूर से ही दिखाई देने लगा। इसी दौरान किसी ने डायल 112 पर फोन कर घटना की सूचना दी। करीब 20 मिनट बाद मरीन ड्राइव की ओर से आ रही यातायात पुलिस का वाहन मौके पर पहुंचा। पुलिस और राहगीरों की मदद से मरीज और उनके स्वजनों को वाहन में बैठाया गया और तुरंत पीएमसीएच पहुंचाया गया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां भी कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंच गईं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि तब तक एंबुलेंस पूरी तरह जल चुकी थी। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
गांधी मैदान यातायात थानाध्यक्ष ने बताया कि एंबुलेंस में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर भेजी गई थीं। आग पर काबू पा लिया गया है और जली हुई एंबुलेंस को सड़क से हटा दिया गया है, जिससे यातायात सामान्य हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
इस घटना के दौरान बुजुर्ग मरीज की हालत बेहद नाजुक हो गई थी। ऑक्सीजन सपोर्ट हटते ही वे छटपटाने लगे, लेकिन स्वजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया और लगातार हिम्मत देते रहे। घटना की जानकारी अन्य परिजनों को भी फोन कर दी गई। सौभाग्य से समय रहते मदद मिल जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन एंबुलेंस चालक के फरार होने और एंबुलेंस की तकनीकी स्थिति पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
Patna ambulance fire : पटना के अटल पथ पर शनिवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आइजीआईएमएस से पीएमसीएच जा रही एक एंबुलेंस में अचानक आग लग गई। एंबुलेंस में एक बुजुर्ग रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे और उनके साथ चार स्वजन सवार थे। गनीमत रही कि समय रहते राहगीरों की सूझबूझ और यातायात पुलिस की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि इस घटना में एंबुलेंस पूरी तरह जलकर खाक हो गई, वहीं चालक के फरार हो जाने से कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद जिले के निवासी राजदेव पासवान खगौल में किराये के मकान में रहते हैं। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें आइजीआईएमएस रेफर कर दिया। लेकिन आइजीआईएमएस में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें पीएमसीएच भेजने का निर्णय लिया गया।
स्वजनों ने बताया कि आइजीआईएमएस से पीएमसीएच ले जाने के लिए एक निजी एंबुलेंस चालक से 2500 रुपये में बात तय हुई थी। इसके बाद शनिवार की शाम एंबुलेंस आइजीआईएमएस से मरीज और उनके चार स्वजनों को लेकर अटल पथ के रास्ते पीएमसीएच के लिए रवाना हुई। राजीव नगर फ्लाईओवर पार करने के कुछ ही देर बाद एंबुलेंस के भीतर से धुएं की गंध आने लगी। पहले तो स्वजनों को लगा कि बाहर कहीं आग लगी होगी, लेकिन देखते ही देखते धुआं तेज हो गया।
स्वजनों ने चालक को आवाज देकर तुरंत एंबुलेंस रोकने को कहा। जैसे ही दीघा फ्लाईओवर के पास एंबुलेंस रुकी, तभी एंबुलेंस के भीतर रखे बेड के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक एंबुलेंस छोड़कर मौके से फरार हो गया। चालक के भागते ही मरीज के साथ मौजूद स्वजन घबरा गए और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
संयोग से उस समय अटल पथ से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने शोर सुना और तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। आग तेजी से फैल रही थी और एंबुलेंस धू-धू कर जलने लगी थी। मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर था, इसलिए स्थिति और भी नाजुक हो गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए ऑक्सीजन पाइप को तोड़ा और स्ट्रेचर सहित बुजुर्ग मरीज को बाहर निकाला। उनके साथ चारों स्वजनों को भी सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
जैसे ही सभी लोग एंबुलेंस से बाहर निकले, कुछ ही पलों में टायर सहित पूरी एंबुलेंस आग की चपेट में आ गई। आग की ऊंची लपटें और काला धुआं दूर से ही दिखाई देने लगा। इसी दौरान किसी ने डायल 112 पर फोन कर घटना की सूचना दी। करीब 20 मिनट बाद मरीन ड्राइव की ओर से आ रही यातायात पुलिस का वाहन मौके पर पहुंचा। पुलिस और राहगीरों की मदद से मरीज और उनके स्वजनों को वाहन में बैठाया गया और तुरंत पीएमसीएच पहुंचाया गया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां भी कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंच गईं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि तब तक एंबुलेंस पूरी तरह जल चुकी थी। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
गांधी मैदान यातायात थानाध्यक्ष ने बताया कि एंबुलेंस में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर भेजी गई थीं। आग पर काबू पा लिया गया है और जली हुई एंबुलेंस को सड़क से हटा दिया गया है, जिससे यातायात सामान्य हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
इस घटना के दौरान बुजुर्ग मरीज की हालत बेहद नाजुक हो गई थी। ऑक्सीजन सपोर्ट हटते ही वे छटपटाने लगे, लेकिन स्वजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया और लगातार हिम्मत देते रहे। घटना की जानकारी अन्य परिजनों को भी फोन कर दी गई। सौभाग्य से समय रहते मदद मिल जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन एंबुलेंस चालक के फरार होने और एंबुलेंस की तकनीकी स्थिति पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।