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Bihar police action : थाना से सटे रिटायर्ड सिविल सर्जन के घर लूट व बेहोशी इंजेक्शन कांड, अब SHO हुए सस्पेंड; पढ़िए पूरी खबर

Bihar police action : गिद्धौर थाना के ठीक सामने रिटायर्ड सिविल सर्जन डॉ. विजेंद्र सत्यार्थी के घर दिनदहाड़े हुई 50 लाख की लूट ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है।

27-Jan-2026 10:33 AM

By First Bihar

Bihar police action : जमुई जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज लूट की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। गिद्धौर थाना के ठीक सामने स्थित रिटायर्ड सिविल सर्जन सह मुंगेर प्रमंडल के आरडीडी डॉ. विजेंद्र सत्यार्थी के आवास में हथियारबंद अपराधियों ने बेखौफ होकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। इस मामले को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने लापरवाही और अपराध नियंत्रण में निष्क्रियता के आरोप में गिद्धौर थाना अध्यक्ष दीनानाथ सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, करीब पांच की संख्या में आए अपराधियों ने डॉ. विजेंद्र सत्यार्थी के घर में घुसकर उन्हें, उनके पुत्र डॉ. विक्रम सत्यार्थी और पुष्पम कुमारी को हथियार के बल पर काबू में लिया। इसके बाद अपराधियों ने कथित तौर पर बेहोशी का इंजेक्शन देकर तीनों को अचेत कर दिया और घर में रखी नकदी व कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। प्रारंभिक चर्चाओं के मुताबिक, लूट की रकम करीब 50 लाख रुपये आंकी जा रही है, हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होने की बात कही जा रही है।


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी वारदात गिद्धौर थाना के मुख्य गेट के ठीक सामने हुई। इसके बावजूद अपराधी न सिर्फ आराम से घटना को अंजाम देने में सफल रहे, बल्कि बिना किसी रोक-टोक के फरार भी हो गए। इस घटना ने जिले की पुलिस व्यवस्था, गश्ती व्यवस्था और थाना स्तर पर निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थाना के सामने ही ऐसी वारदात हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या भरोसा रह जाता है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गिद्धौर थानाध्यक्ष दीनानाथ सिंह को निलंबित कर दिया। जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान दीनानाथ सिंह को पुलिस लाइन, जमुई में हाजिर रहने का निर्देश दिया गया है और उन्हें सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर रखा गया है। यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण में निष्क्रियता और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आधार पर की गई है।


आधिकारिक आदेश में उल्लेख है कि दिनांक 28.01.2028 को प्रातः 06:00 बजे से अगले 06:00 बजे के बीच गिद्धौर थाना गेट के सामने स्थित डॉ. विजेंद्र सत्यार्थी के मकान में हुई इस लूट-पाट की घटना में थाना स्तर पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखा। इसी के आलोक में अधोहस्ताक्षरी द्वारा की गई अनुशंसा पर मुंगेर क्षेत्रादेश संख्या-22/2020 तथा ज्ञापांक-144/गोपनीय, दिनांक 28.01.2020 के तहत पुलिस उप-महानिरीक्षक, मुंगेर क्षेत्र द्वारा यह निलंबन आदेश जारी किया गया।


वहीं, गिद्धौर थाना के दैनिक कार्यों और विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी फिलहाल थाना में पदस्थापित पु०अ०नि० (एसआई) जयप्रकाश कुमार सिंह को सौंपी गई है। नए थानाध्यक्ष की पदस्थापना होने तक वही थाना प्रभारी के रूप में कार्य करेंगे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जा रही है तथा अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।


इधर, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि जिले में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और पुलिस की सख्ती सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। दिनदहाड़े, वह भी थाना के सामने, इतनी बड़ी लूट की घटना ने आम जनता के मन में भय और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है।


अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन इस कांड के खुलासे में कितनी तेजी दिखाता है और अपराधियों को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचाता है। साथ ही, यह भी देखने वाली बात होगी कि इस निलंबन के बाद थाना स्तर पर पुलिसिंग में कितना सुधार आता है। फिलहाल, गिद्धौर की यह घटना जिले की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।