सूखे नशे के खिलाफ सुपौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक करोड़ से अधिक का गांजा और नशीली दवाइयां बरामद SSB ट्रेनिंग सेंटर में तैनात सब इंस्पेक्टर की मौत, सोते समय आया हार्ट अटैक Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार उद्योगों के विकास से बिहार बनेगा समृद्ध, निवेशकों को सरकार कर रही है पूरा सहयोग: सम्राट चौधरी Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है दही-चूड़ा? जानिए.. इसके हेल्थ बेनिफिट्स Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है दही-चूड़ा? जानिए.. इसके हेल्थ बेनिफिट्स बिहार में रिश्तों का कत्ल: दूसरी पत्नी और बेटा निकले हत्यारा, बेरहमी से रेत दिया था फेंकन पासवान का गला Amrit Bharat Train: पांच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को इस दिन रवाना करेंगे पीएम मोदी, बिहार के इन स्टेशनों पर होगा ठहराव Amrit Bharat Train: पांच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को इस दिन रवाना करेंगे पीएम मोदी, बिहार के इन स्टेशनों पर होगा ठहराव
01-Nov-2025 08:16 PM
By First Bihar
PATNA: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (ISM), पटना ने एक अनुपम संगम का साक्षी बना—जहाँ उत्सव और विद्वत्ता का संगम हुआ। संस्थान ने अपने माननीय चेयरमैन श्री समरेन्द्र सिंह के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर “इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट (IJEAM)” के प्रथम अंक का विमोचन कर इस दिवस को ज्ञान और कृतज्ञता के प्रतीक रूप में मनाया। यह अवसर आईएसएम के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (R&D Cell) एवं सांस्कृतिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
आईजेएम का यह प्रथम अंक आईएसएम की “Towards Excellence” की यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। यह समीक्षित (peer-reviewed) शोध पत्रिका शिक्षा एवं प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा आलोचनात्मक चिंतन और बौद्धिक अनुशासन की संस्कृति विकसित करने का उद्देश्य रखती है। इस अंक में आईएसएम के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Global Research Perspectives: Sustainovate 2025”, जो 25–26 जुलाई 2025 को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ – IQAC द्वारा आयोजित किया गया था, में प्रस्तुत चयनित शोध-पत्रों को स्थान दिया गया है।
जर्नल विमोचन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय चेयरमैन, श्री समरेन्द्र सिंह, श्रीमती निभा सिंह, लेडी चेयरमैन, मुख्य अतिथि, माननीय वाइस चेयरमैन, श्री देवल सिंह तथा विशेष अतिथि, माननीय सचिव, श्री अमल सिंह, श्रीमती आकृति सिंह, सेक्रेटरी मैडम, की गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर अकादमिक हेड, डॉ. स्वेता रानी तथा एडमिन, नीरू कुमारी भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का समन्वयन आरएंडडी सेल के वाइस चेयरपर्सन, श्री आनंद कुमार चौधरी, कोऑर्डिनेटर श्रीमती पूजा दुबे, आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर, श्री अनस रईस तथा सांस्कृतिक समिति की अध्यक्षा, डॉ. नेहा झा के नेतृत्व में किया गया। इस आयोजन में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
सम्पूर्ण वातावरण श्रद्धा, आत्मीयता और बौद्धिक उल्लास से ओतप्रोत था, जब आईएसएम परिवार ने अपने दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता, श्री समरेन्द्र सिंह को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उनके मार्गदर्शन में आईएसएम, पटना ने गुणवत्ता-आधारित शिक्षा, अनुसंधान और संस्थागत नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है।
अपने संबोधन में डॉ. स्वेता रानी ने आरएंडडी सेल, आईक्यूएसी टीम तथा शोधपत्र लेखकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “कोई भी शिक्षण संस्थान तभी उत्कृष्ट बनता है जब उसका नेतृत्व और विद्वत्ता समान दिशा में, उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होते हैं।” यह दिवस नेतृत्व और शिक्षा के आदर्श सामंजस्य का प्रतीक बना, आईएसएम पटना की सतत यात्रा “Towards Excellence” का एक और प्रेरक अध्याय, जो उसकी बौद्धिक प्रगति, नवाचार और नैतिक नेतृत्व के मूल्यों को पुनः पुष्ट करता है।
