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20-Dec-2025 05:08 PM
By First Bihar
RAID IN PATNA : पटना सिविल कोर्ट में आज फूड डिपार्टमेंट की ओर से एक जुबली कैफे नाम की मिठाई दुकान में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान दुकान की साफ सफाई, मिठाई सैंपल की जांच पड़ताल की गई। इसमें रस मलाई, मिल्क शेक का सैंपल लिया गया।
कोर्ट कैंपस में स्थित जुबली कैफे पर फूड सेफ्टी टीम ने छापेमारी की, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं। फूड इंस्पेक्टर अजय कुमार के नेतृत्व में करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान दुकानदार की ओर से साफ-सफाई और मिठाइयों की हालत को लेकर भारी असंतोष जाहिर किया गया।
अजय कुमार ने बताया कि मौके पर जाकर जांच के दौरान दुकान में गंदगी की स्थिति बेहद खराब पाई गई। दुकानदार के पास दुकान का वैध लाइसेंस भी मौजूद नहीं था। इस कारण तत्काल प्रभाव से दुकान को सील कर दिया गया। फूड इंस्पेक्टर ने बताया कि दुकान से लिए गए सैंपल को लैब में भेजा जा रहा है, और रिपोर्ट खराब आने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
दुकानदार ने सीलिंग के बाद भी खोली दुकान
आश्चर्यजनक बात यह रही कि फूड इंस्पेक्टर के वहां से निकलने के कुछ ही समय बाद दुकानदार ने दुकान खोल दी। ग्राहकों ने भी दुकान पर आना शुरू कर दिया। जब इस बाबत दुकानदार से सवाल किया गया, तो उसने बताया कि उसके पास मौजूद माल सोमवार तक बिक जाना है। अगर दुकान बंद रही तो सारा माल बर्बाद हो जाएगा। इसी वजह से उसने दुकान फिर से खोल दी।
फूड इंस्पेक्टर ने बताया जांच का कारण
अजय कुमार ने कहा कि कोर्ट कैंपस में चल रहे इस होटल के बारे में उन्हें सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि जुबली कैफे नाम की यह दुकान बेहद गंदी है और इसके पास कोई वैध लाइसेंस भी नहीं है। इसके आधार पर टीम ने अचानक छापेमारी की।
जांच के दौरान पाया गया कि दुकान में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक थी। मिल्कशेक जैसी चीजें जमीन पर गंदी जगह पर रखी हुई थीं। साथ ही, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग और स्टोरिंग में भी नियमों का पालन नहीं किया गया था।
दुकानदार और ग्राहक के बीच स्थिति
छापेमारी के दौरान दुकानदार की ओर से साफ-सफाई और गंदगी को लेकर विरोध जताया गया, लेकिन फूड इंस्पेक्टर ने दुकान को सील करने में कोई ढील नहीं दिखाई। इसके बावजूद दुकानदार ने तुरंत दुकान खोल दी, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई। ग्राहकों का कहना था कि वे नियमित रूप से यहां आते हैं और अचानक दुकान बंद होने से परेशान थे।
फूड इंस्पेक्टर अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद अगर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता खराब पाई जाती है तो दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें एफआईआर दर्ज कर जुबली कैफे पर गंभीर आरोप लगाए जा सकते हैं।
इस मामले से यह साफ हो गया है कि कोर्ट कैंपस और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन होना बेहद जरूरी है। साथ ही, दुकानदारों को लाइसेंस और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो उन्हें सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
जुबली कैफे के मामले ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम ला सकता है। टीम द्वारा की गई कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट कैंपस और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह भी चेतावनी है कि वे ऐसे प्रतिष्ठानों से सावधानी बरतें और हमेशा प्रमाणित और स्वच्छ दुकान से ही भोजन लें।