BIHAR: मुखिया प्रतिनिधि की स्कॉर्पियो पर फायरिंग, बाल-बाल बचे 7 लोग पूर्णिया के 7 वर्षीय वेदांत ने रचा इतिहास, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम Most Dangerous Batsman: सुरेश रैना के अनुसार ये हैं दुनिया के 3 सबसे खतरनाक T20 बल्लेबाज, बिहारी बाबू के लिए बोल गए विशेष बात India Submarine Deals: समुद्र में ताकत बढ़ाने के लिए पनडुब्बी के 2 बड़े सौदे करने चला भारत, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च Unbreakable Cricket Records: असंभव सा है क्रिकेट के इन 10 रिकॉर्ड्स को तोड़ पाना, कोशिश बहुतों ने की मगर सारे हुए फेल बिहार में नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला: सहरसा में 10 कट्ठा जमीन के लिए जमकर मारपीट Bihar Crime News: बिहार में ससुर ने कराई दामाद की हत्या, संपत्ति बेचकर बदमाशों को दी 12 हजार की सुपारी Bihar Crime News: बिहार में भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प, विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर पथराव; दो चौकीदार घायल Bihar Crime News: बिहार में भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प, विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर पथराव; दो चौकीदार घायल Bihar News: बिहार के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत पर हंगामा, डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
29-Aug-2025 10:53 AM
By First Bihar
NITISH KUMAR : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार दिनों में आज दूसरी बार कैबिनेट की बैठक बुलाई। यह बैठक सुबह 10:30 बजे मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हाल में हुई। इस बैठक में महिलाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। सीएम नीतीश ने तय किया है कि अब राज्य की महिलाओं को रोजगार करने के लिए सरकारी फंड यानी पैसे दिए दिए जाएंगे।
दरअसल, बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आज एक नई योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को मंजूरी दी गई। इस योजना का मकसद है—राज्य के हर परिवार की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार पहल की जा रही है। अब इस योजना के जरिए महिलाओं की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने तथा राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना की जो मुख्य बातें हैं वह इस तरह है कि अब राज्य कि महिलाओं को आर्थिक मदद कि जाएगी।
सरकार ने यह फैसला किया है कि, अब राज्य के हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपए की पहली किस्त दी जाएगी। महिलाओं के आवेदन प्राप्त करने और योजना की संपूर्ण व्यवस्था ग्रामीण विकास विभाग के जरिए होगी। जरूरत पड़ने पर नगर विकास एवं आवास विभाग भी सहयोग करेगा। सितंबर 2025 से ही महिलाओं के बैंक खाते में राशि का हस्तांतरण शुरू कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन कर महिलाओं को 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए गांव से लेकर शहर तक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और मजबूत होगी, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि मजबूरी में लोगों को रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता से बिहार की प्रगति और भी तेज होगी।” यह योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है।