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31-Aug-2025 07:28 AM
By First Bihar
Bihar Weather: बिहार में सितंबर की शुरुआत से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है, एक तरफ मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से सूखे की आशंका है तो दूसरी तरफ गंगा और अन्य नदियों का उफान बाढ़ का संकट बढ़ा रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने रविवार (31 अगस्त) को राज्य के 32 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
जिसमें दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और भागलपुर जैसे जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 40 किमी/घंटे की तेज हवाओं का खतरा बताया गया है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और बेगूसराय समेत अन्य 28 जिलों में मध्यम से हल्की वर्षा के आसार हैं, जबकि बाकी 13 जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। लेकिन उमस भरी गर्मी और बाढ़ की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 1 सितंबर से मानसून फिर से सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे बिहार में झमाझम वर्षा हो सकती है। शनिवार को नालंदा सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
पटना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है, लेकिन उमस से राहत नहीं मिलेगी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों और किसानों को खेतों में काम से बचना चाहिए। यह अलर्ट बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया से प्रभावित है जो बिहार को निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी पैदा कर रहा है।
गंगा का जलस्तर पटना, मुंगेर और बेगूसराय में खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। मुंगेर में गंगा वॉर्निंग लेवल से 71 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जहां पड़ोरा टोला में कटाव तेज हो गया और करीब सौ घर खतरे में हैं, तीन घर पहले ही नदी में समा चुके हैं। बेगूसराय के शाम्हो प्रखंड का सड़क संपर्क लखीसराय और मुंगेर से कट गया है, जबकि बक्सर में स्टेट हाईवे पर गंगा का पानी बहने लगा है।
कर्मनाशा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। राज्य भर में 502 गांव पटना, भोजपुर, वैशाली, भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, मधेपुरा और नालंदा में बाढ़ की चपेट में हैं, जहां 12-16 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं। जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है और एनडीआरएफ टीमें तैनात हैं। नेपाल से अतिरिक्त पानी आने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
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