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26-Dec-2025 12:33 PM
By First Bihar
बिहार सरकार के भूमि एवं राजस्व सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर से प्रशासनिक कार्रवाई के मोड में नजर आए हैं। पूर्णिया जिले में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने एक स्थानीय युवक की शिकायत सुनते हुए सीधे तौर पर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) को निर्देश दिया कि इस मामले में दोषी थानेदार पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए।
दरअसल, गोपाल कुमार पटबा नामक एक युवक ने मंत्री के सामने अपनी गंभीर शिकायत रखी। युवक ने बताया कि उनके मामले में संबंधित थानेदार ने हस्तक्षेप किया और गड़बड़ी की, जिससे उनका मामला प्रभावित हो रहा है। गोपाल कुमार ने कहा कि प्रशासन की निष्पक्षता के बजाय थानेदार का रवैया उनके लिए परेशानी का सबब बन रहा है।
शिकायत सुनने के बाद विजय कुमार सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया और एसपी को निर्देशित किया कि इस मामले में कोई ढिलाई न बरती जाए। मंत्री ने स्पष्ट कहा, “थाना किसी के साथ भलाई के लिए काम करता है, किसी को परेशान करने के लिए नहीं। अगर किसी को परेशान किया गया है, तो ऐसे अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला गंभीर है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
मंत्री ने अपने निर्देश में यह भी कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे थानाध्यक्ष जो जनता को परेशान करते हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर इस मामले में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो वह अपने विभाग की तरफ से गृह विभाग को पत्र लिखकर इस मामले में उच्च स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
विजय कुमार सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने खनन विभाग के मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे। उन्होंने कहा कि खनन गाड़ियों की जांच केवल तब होगी जब मौके पर खनन इंस्पेक्टर मौजूद होंगे। अगर इंस्पेक्टर मौजूद नहीं हैं, तो गाड़ियों की जांच नहीं की जाएगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सीधे इंस्पेक्टर से आदेश लेने होंगे। इसी तरह, भूमि और राजस्व मामलों में भी सभी अधिकारियों को नियम और निर्देशों का पालन करना होगा।
मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार और मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना, या नियमों के विपरीत कार्रवाई करना स्वीकार्य नहीं है। मंत्री का यह रवैया यह दिखाता है कि बिहार सरकार आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
इस मौके पर गोपाल कुमार पटबा ने भी मंत्री के त्वरित संज्ञान और निर्देशों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और इसे हल करने के लिए तत्काल कदम उठाने का भरोसा दिलाया। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंत्री के इस कदम से प्रशासनिक सुधारों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
मंत्री का यह कदम न केवल आम जनता के अधिकारों की सुरक्षा करता है, बल्कि अधिकारियों के लिए भी एक चेतावनी संदेश है कि किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसका प्रभाव भविष्य में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनता के मामलों के निपटारे में सकारात्मक रूप से देखा जाएगा।
इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि बिहार सरकार भूमि और राजस्व सुधारों को गंभीरता से ले रही है और जनता की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। मंत्री विजय कुमार सिंह की सक्रिय भूमिका और जनता के प्रति जवाबदेही का यह प्रदर्शन निश्चित रूप से राज्य में प्रशासनिक सुधारों को मजबूती देगा।