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03-Feb-2026 12:12 PM
By First Bihar
NEET Student case Bihar : बिहार विधान परिषद में आज एक संवेदनशील राजनीतिक व सामाजिक मुद्दा गरमाया। जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पार्टी को में पहुंची, कुछ MLC (सदस्य विधान परिषद) ने उनका ध्यान नीट छात्रा मामले की ओर आकर्षित किया। MLC ने राबड़ी देवी से इस मामले में गंभीर कदम उठाने और जनता के सामने स्पष्ट रखने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी को इस मामले में राज्य सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और न्याय की रक्षा के लिए आंदोलन करना चाहिए।
हालांकि, राबड़ी देवी ने MLC की इस मांग को अनदेखा किया और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे विधान परिषद के अंदर चली गईं। उनकी इस तरह चुप्पी चर्चा का विषय बन गई। MLC ने बाहर ही यह मुद्दा उठाने का फैसला किया और राबड़ी देवी के सामने अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए पोर्टिको के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि नीट छात्रा का मामला संवेदनशील है और इसे हल करने के लिए राजनीतिक दलों की सक्रियता आवश्यक है।
बता दें कि यह मामला बिहार में शिक्षा और न्याय की दिशा में बढ़ते तनाव का प्रतीक बन चुका है। नीट छात्रा की हत्या और उससे जुड़े जांच के मुद्दे ने राज्य में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर हलचल मचा दी है। राजद के MLC का प्रदर्शन यह संदेश देने की कोशिश था कि वे इस मामले में न केवल संवेदनशील हैं बल्कि कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सदन के बाहर प्रदर्शन करते हुए MLC ने कहा कि अगर नेताओं द्वारा इस मामले पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो युवा और आम जनता का विश्वास राजनीतिक संस्थाओं पर कमजोर होगा। उन्होंने राबड़ी देवी से आग्रह किया कि वे इस मामले में सार्वजनिक रूप से बोलें और न्याय की मांग को मजबूत करें। प्रदर्शन के दौरान MLC ने बैनर और प्लेकार्ड के माध्यम से अपनी आवाज को और भी जोरदार बनाया।
इस पूरी घटना ने यह भी दिखाया कि बिहार में राजनीतिक दलों के भीतर भी कई मुद्दों पर अलग-अलग राय और दृष्टिकोण मौजूद हैं। कुछ नेता चाहते हैं कि संवेदनशील मामलों में अधिक सक्रियता दिखाई जाए, जबकि कुछ नेता रणनीतिक चुप्पी को प्राथमिकता देते हैं।
विधान परिषद के अंदर राबड़ी देवी की उपस्थिति के बावजूद बाहर MLC का प्रदर्शन लगातार जारी रहा। उन्होंने कहा कि वे जनता और पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और न्याय की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे। यह प्रदर्शन यह संकेत देता है कि नीट छात्रा का मामला केवल एक व्यक्तिगत घटना नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, न्याय और राजनीतिक जिम्मेदारी के मुद्दों को जोड़ने वाला एक बड़ा सामाजिक संकेत बन गया है।
इस प्रकार, आज का दिन बिहार विधान परिषद में केवल कार्यवाही का नहीं बल्कि राजनीतिक संवाद और संवेदनशील सामाजिक मुद्दों के सामने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के दृष्टिकोण का भी परिचायक बन गया। MLC का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वे अपनी आवाज़ बुलंद करने से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग को लगातार बनाए रखेंगे, चाहे पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दें या न दें।