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06-Jan-2026 12:16 PM
By First Bihar
Bihar Tourism App : बिहार में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार डिजिटल मोड की ओर बढ़ रही है। जल्द ही पर्यटन विभाग अपना टूरिज्म मैप, मोबाइल ऐप और समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को बिहार के प्रमुख और कम चर्चित स्थलों की जानकारी सीधे उपलब्ध कराना है। अब पर्यटक आसानी से यात्रा की योजना बना सकेंगे और पर्यटन स्थलों तक पहुँचने के लिए सही मार्ग का चयन कर पाएंगे।
पर्यटन सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि टूरिज्म मैप डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप दोनों पर उपलब्ध होगा। इसमें न केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी होगी, बल्कि आसपास के आकर्षण, रास्ते, होटल, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं की भी जानकारी शामिल होगी। ऐप में बिहार के सभी पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी, स्थानीय त्योहार, कार्यक्रम और गतिविधियां अपडेट की जाएंगी।
विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थल और नेचर टूरिज्म का प्रचार-प्रसार भी करेगा। इसका उद्देश्य देश और विदेश के पर्यटकों को बिहार के पर्यटन स्थलों से परिचित कराना है। साथ ही, राज्य में फोर-व्हीलर सुविधा और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के निर्देश पर्यटन निगम को दिए गए हैं। कैमूर जिले के करमचट डैम के पास होटल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को बेहतर ठहरने की सुविधा मिल सके।
पर्यटक अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए राज्य में लगभग 200 टूरिस्ट गाइडों को मल्टी-लिंगुअल और विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन गाइडों को विभिन्न भाषाओं, शालीन व्यवहार और स्थलों के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन स्थलों पर तैनात कर्मचारियों को भी व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
पर्यटकों की वास्तविक संख्या जानने के लिए नई गणना पद्धति विकसित की जाएगी। अब केवल होटलों में ठहरने वाले लोग ही पर्यटक नहीं माने जाएंगे, बल्कि घरेलू और विदेशी पर्यटकों की अलग-अलग और सटीक गिनती की जाएगी। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में बिहार में 6.6 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें 98.9 प्रतिशत घरेलू और लगभग 7.37 लाख विदेशी थे। बौद्ध सर्किट और राजगीर जैसे स्थलों पर विशेष बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, 2025 के जनवरी से मई तक ही 1.78 करोड़ पर्यटक बिहार का भ्रमण कर चुके हैं। विभाग का मानना है कि डिजिटल पहल से आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी।
पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए हैं कि विभाग से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा हर सोमवार की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाएं समय पर पूरी हों और बिहार पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले।
इस नई डिजिटल पहल से न केवल पर्यटकों के लिए बिहार की यात्रा आसान होगी, बल्कि राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब पर्यटक बिहार के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का आनंद डिजिटल माध्यम से बिना किसी कठिनाई के ले सकेंगे।