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30-Nov-2025 08:41 AM
By First Bihar
Bihar Teacher: बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के विद्यालय शिक्षकों के शैक्षणिक तथा प्रशैक्षणिक दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया को गति देने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। TRE-1, TRE-2 तथा TRE-3 के अंतर्गत बीपीएससी से नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच एक माह के भीतर पूरी करने का आदेश दिया गया है। विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक योग्यता, अनुभव संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराने को कहा है।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली के अनुसार, नियुक्ति प्राधिकारी को नियुक्ति पत्र जारी करने से पूर्व अभ्यर्थियों के शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच अनिवार्य रूप से करानी होती है। कार्य की सुगमता हेतु प्रारंभिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा सकते हैं, किंतु निर्धारित समयसीमा में प्रमाणपत्रों का पूर्ण सत्यापन आवश्यक है। जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित विश्वविद्यालयों तथा संस्थानों से संपर्क कर दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करें।
यदि प्रमाणपत्र जाली या असत्य पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षक की नियुक्ति तत्काल रद्द कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्राप्त वेतन, भत्ते तथा अन्य राशियों की वसूली बिहार एंड ओडिशा पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट, 1910 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल सत्यापन के आधार पर होगी तथा दोषी पाए जाने पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
हाल के वर्षों में सत्यापन के दौरान हजारों जाली दस्तावेज पकड़े जा चुके हैं, जिसके बाद विभाग ने डिजिटल सर्विस बुक तथा बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं की ओर रुख किया है। जिला स्तर पर सत्यापन अभियान तत्काल प्रारंभ होगा तथा इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को प्रस्तुत की जाएगी।