पिछले कई महीनों से विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि नई बनी सड़कों की देखरेख में लापरवाही हो रही है। कई सड़कों के छह महीने के भीतर ही टूटने और मरम्मत न होने की बातें सामने आईं। इन शिकायतों के बाद विभाग ने अब सख्ती बरतने का निर्णय लिया है।


नए आदेश के मुताबिक, प्रत्येक अभियंता को अब हर महीने अपने क्षेत्राधिकार की 20 सड़क और पुल-पुलियों का निरीक्षण करना होगा। इनकी स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तस्वीरों के साथ विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे न केवल जिला स्तर पर बल्कि मुख्यालय से भी सीधी मॉनिटरिंग हो सकेगी।


इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंताओं को सौंपी गई है। अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उनकी समय-समय पर देखरेख सुनिश्चित करना अभियंताओं की सीधी जिम्मेदारी होगी।