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Bihar Ration Card : अब तक नहीं बना राशन कार्ड, तो तैयार कर लें सभी कागज; शुरू हो रहा ऑनलाइन आवेदन

बिहार सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने घोषणा की है कि 22 सितंबर 2025 से 10 अक्टूबर 2025 तक

20-Sep-2025 09:37 AM

By First Bihar

Bihar Ration Card : बिहार सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने घोषणा की है कि 22 सितंबर 2025 से 10 अक्टूबर 2025 तक पूरे राज्य में कैम्प मोड में राशन कार्ड बनाने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी योग्य परिवार खाद्य सुरक्षा की गारंटी से वंचित न रह जाए।


सरकार की ओर से तय किए गए रोस्टर के अनुसार, प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर इस दौरान विशेष कैम्प लगाए जाएंगे। इनका आयोजन मुख्य रूप से पंचायत सरकार भवनों में किया जाएगा। इन कैम्पों में आपूर्ति विभाग और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहेंगे। कैम्पों में कंप्यूटर और लैपटॉप से सुसज्जित टीम तैनात रहेगी, ताकि आवेदकों के फार्म उसी समय ऑनलाइन पोर्टल Rconline.bihar.gov.in पर दर्ज किए जा सकें। आवेदन जमा करने के तुरंत बाद आवेदकों को रसीद उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तथा आसान बनेगी।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन भरने से राशन कार्ड स्वीकृत नहीं होगा। सभी आवेदनों की समय पर कड़ी जांच की जाएगी। जिन आवेदकों को पात्र पाया जाएगा, उन्हें ही राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि केवल वही लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) का लाभ प्राप्त करें जो वास्तव में इसके हकदार हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का कहना है कि इस अभियान की जानकारी राज्य के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर प्रचार के लिए पोस्टर, पंपलेट, माइकिंग, अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग किया जाएगा।


सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में वंचित न रह जाए। इसलिए कैम्प की तिथि और स्थान की सूचना पहले से सार्वजनिक की जाएगी ताकि सभी लोग समय पर आवेदन कर सकें। यह अभियान खास तौर पर उन परिवारों के लिए है, जो किसी कारणवश अब तक राशन कार्ड बनवाने से वंचित रह गए थे। राज्य सरकार का मानना है कि खाद्य सुरक्षा एक मौलिक अधिकार की तरह है और हर पात्र नागरिक को इसका लाभ मिलना चाहिए। राशन कार्ड मिलने के बाद पात्र परिवारों को सब्सिडी वाले अनाज और अन्य जरूरी सुविधाएं प्राप्त होंगी। इसके साथ ही सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी उन्हें सीधा लाभ मिलेगा।


सरकार ने इस बार पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। आवेदन जमा करने से लेकर रसीद मिलने और आगे की जांच तक सब कुछ ऑनलाइन माध्यम से होगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और लोगों को बिना किसी परेशानी के सीधा लाभ मिलेगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ किया है कि इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य है। हर पात्र परिवार को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाना। कोई भी योग्य व्यक्ति अनाज और अन्य आवश्यक सुविधाओं से वंचित न रहे। राशन कार्ड प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना। लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाने से बचाना।



सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने पंचायत में लगने वाले कैम्प में जरूर पहुंचें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। इससे वे और उनका परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभ का फायदा उठा सकेंगे। बिहार सरकार का यह कदम राज्य की गरीब और जरूरतमंद जनता के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। विशेष अभियान के तहत लगाए जा रहे कैम्प पात्र परिवारों को सीधे तौर पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जोड़ेंगे।