Bihar News: बिहार में डॉक्टर की लापरवाही से मां और बच्चे की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया भारी हंगामा Bihar News: बिहार में डॉक्टर की लापरवाही से मां और बच्चे की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया भारी हंगामा दाखिल-खारिज से ई-मापी तक 10 सेवाएं ऑनलाइन, जमीन से जुड़ा झंझट होगा खत्म बिहार में स्कूल भवन निर्माण राशि में गड़बड़ी: तीन पूर्व प्रधानाध्यापकों से मांगा गया स्पष्टीकरण, FIR की चेतावनी बिहार में स्कूल भवन निर्माण राशि में गड़बड़ी: तीन पूर्व प्रधानाध्यापकों से मांगा गया स्पष्टीकरण, FIR की चेतावनी Bihar Politics: ‘बिहार बन रहा उद्योगों का हब, 2030 तक एक करोड़ नौकरियों का लक्ष्य’, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा दावा Bihar Politics: ‘बिहार बन रहा उद्योगों का हब, 2030 तक एक करोड़ नौकरियों का लक्ष्य’, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा दावा Bihar Crime News: युवक की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar Crime News: युवक की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका Bihar News: दो सगे भाइयों की तालाब में डूबकर मौत, स्नान करने के दौरान हुआ हादसा
24-Jan-2026 05:04 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार की दोनों बिजली वितरण कंपनियों—नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में परचम लहराया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ताज़ा रेटिंग में बिहार ने हरियाणा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और तेलंगाना समेत कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
ऊर्जा मंत्रालय के अधीन पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग एवं रैंकिंग रिपोर्ट में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 100 में 82.02 अंक मिले हैं। इसके साथ ही कंपनी को ए ग्रेड प्राप्त हुआ है और वह राष्ट्रीय स्तर पर 13वें स्थान पर रही है। राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में नॉर्थ बिहार सातवें पायदान पर है। बिलिंग और राजस्व संग्रहण में सुधार, तकनीकी व व्यावसायिक नुकसान में कमी, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और मजबूत शासन व्यवस्था के कारण कंपनी ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
वहीं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी बड़ी छलांग लगाई है। एसबीपीडीसीएल को 67.37 अंक प्राप्त हुए हैं और उसे भी ए ग्रेड मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर साउथ बिहार को 20वां स्थान, जबकि राज्य सरकार की कंपनियों में 12वां स्थान हासिल हुआ है। पिछली रेटिंग में बी माइनस ग्रेड पाने वाली कंपनी ने राजस्व संग्रहण में सुधार, परिचालन नियंत्रण, एसीएस-एआरआर गैप में कमी और सुदृढ़ प्रशासनिक प्रणाली के दम पर यह प्रगति दर्ज की है।
पीएफसी ने इस रिपोर्ट में देश की 65 विद्युत वितरण कंपनियों—सरकारी और गैर-सरकारी का 100 अंकों के पैमाने पर मूल्यांकन किया। इसमें एसीएस-एआरआर गैप, बिलिंग एवं कलेक्शन एफिशिएंसी, वितरण हानि, अनुदान, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और उपभोक्ता सेवा जैसे मानदंड शामिल थे। मूल्यांकन के आधार पर पीएफसी ने बिहार की दोनों वितरण कंपनियों को “अत्यंत उच्च वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन” की श्रेणी में रखा है।
Bihar News: बिहार की दोनों बिजली वितरण कंपनियों—नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में परचम लहराया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ताज़ा रेटिंग में बिहार ने हरियाणा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और तेलंगाना समेत कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
ऊर्जा मंत्रालय के अधीन पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग एवं रैंकिंग रिपोर्ट में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 100 में 82.02 अंक मिले हैं। इसके साथ ही कंपनी को ए ग्रेड प्राप्त हुआ है और वह राष्ट्रीय स्तर पर 13वें स्थान पर रही है। राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में नॉर्थ बिहार सातवें पायदान पर है। बिलिंग और राजस्व संग्रहण में सुधार, तकनीकी व व्यावसायिक नुकसान में कमी, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और मजबूत शासन व्यवस्था के कारण कंपनी ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
वहीं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी बड़ी छलांग लगाई है। एसबीपीडीसीएल को 67.37 अंक प्राप्त हुए हैं और उसे भी ए ग्रेड मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर साउथ बिहार को 20वां स्थान, जबकि राज्य सरकार की कंपनियों में 12वां स्थान हासिल हुआ है। पिछली रेटिंग में बी माइनस ग्रेड पाने वाली कंपनी ने राजस्व संग्रहण में सुधार, परिचालन नियंत्रण, एसीएस-एआरआर गैप में कमी और सुदृढ़ प्रशासनिक प्रणाली के दम पर यह प्रगति दर्ज की है।
पीएफसी ने इस रिपोर्ट में देश की 65 विद्युत वितरण कंपनियों—सरकारी और गैर-सरकारी का 100 अंकों के पैमाने पर मूल्यांकन किया। इसमें एसीएस-एआरआर गैप, बिलिंग एवं कलेक्शन एफिशिएंसी, वितरण हानि, अनुदान, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और उपभोक्ता सेवा जैसे मानदंड शामिल थे। मूल्यांकन के आधार पर पीएफसी ने बिहार की दोनों वितरण कंपनियों को “अत्यंत उच्च वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन” की श्रेणी में रखा है।