बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश बिहार में शराबबंदी कानून का माखौल उड़ा रही खाकी, दारोगा का शराब के साथ वीडियो वायरल; जांच के आदेश निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी निशांत को ही सीएम बनाना होता तो BJP नीतीश को जबरदस्ती राज्यसभा क्यों भेजती? JDU कार्यकर्ताओं की मांग पर बोले मुकेश सहनी मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला मेला दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म, रेप के बाद बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोस्तों के सामने परोसा, विरोध करने पर मार डाला बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म
24-Jan-2026 05:04 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार की दोनों बिजली वितरण कंपनियों—नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में परचम लहराया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ताज़ा रेटिंग में बिहार ने हरियाणा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और तेलंगाना समेत कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
ऊर्जा मंत्रालय के अधीन पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग एवं रैंकिंग रिपोर्ट में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 100 में 82.02 अंक मिले हैं। इसके साथ ही कंपनी को ए ग्रेड प्राप्त हुआ है और वह राष्ट्रीय स्तर पर 13वें स्थान पर रही है। राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में नॉर्थ बिहार सातवें पायदान पर है। बिलिंग और राजस्व संग्रहण में सुधार, तकनीकी व व्यावसायिक नुकसान में कमी, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और मजबूत शासन व्यवस्था के कारण कंपनी ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
वहीं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी बड़ी छलांग लगाई है। एसबीपीडीसीएल को 67.37 अंक प्राप्त हुए हैं और उसे भी ए ग्रेड मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर साउथ बिहार को 20वां स्थान, जबकि राज्य सरकार की कंपनियों में 12वां स्थान हासिल हुआ है। पिछली रेटिंग में बी माइनस ग्रेड पाने वाली कंपनी ने राजस्व संग्रहण में सुधार, परिचालन नियंत्रण, एसीएस-एआरआर गैप में कमी और सुदृढ़ प्रशासनिक प्रणाली के दम पर यह प्रगति दर्ज की है।
पीएफसी ने इस रिपोर्ट में देश की 65 विद्युत वितरण कंपनियों—सरकारी और गैर-सरकारी का 100 अंकों के पैमाने पर मूल्यांकन किया। इसमें एसीएस-एआरआर गैप, बिलिंग एवं कलेक्शन एफिशिएंसी, वितरण हानि, अनुदान, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और उपभोक्ता सेवा जैसे मानदंड शामिल थे। मूल्यांकन के आधार पर पीएफसी ने बिहार की दोनों वितरण कंपनियों को “अत्यंत उच्च वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन” की श्रेणी में रखा है।