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29-Aug-2025 06:59 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने शुक्रवार से जन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान की शुरूआत की है। इस संदर्भ में प्रधान सचिव पंकज कुमार ने सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राज्य के प्रत्येक जन वितरण प्रणाली दुकान का अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाए ताकि पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा एवं गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न ससमय मिलना सुनिश्चित हो सके।
राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान के तहत आज दिनांक 29 अगस्त 2025 को विभाग द्वारा "Zero Office Day" घोषित किया गया। शुक्रवार को आपूर्ति से जुड़े सभी पदाधिकारी-उप निदेशक (खाद्य), अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति), जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पणन पदाधिकारी एवं आपूर्ति निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लगभग 3617 जन वितरण दुकानों की "PDS PARAKH मोबाइल ऐप के माध्यम से विशेष सघन निरीक्षण किया गया। इसके बाद 2 सितम्बर से 9 सितम्बर 2025 तक राज्य के प्रत्येक जिले की अब शेष सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों का क्रमवार और नियमित निरीक्षण किया जाएगा।
निरीक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने संबंधित उप निदेशक (खाद्य) से समन्वय स्थापित कर जिले के सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों का पंचायतवार रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके अंतर्गत सभी पदाधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम दो पंचायतों की सभी दुकानों का निरीक्षण अनिवार्य होगा। निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभुकों को सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्न की मात्रा और गुणवत्ता पूरी तरह उपलब्ध हो रही है या नहीं, की जानकारी उपलब्ध हो सके।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि निरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी। जिला स्तर पर निरीक्षण कार्य की दैनिक मॉनिटरिंग उप निदेशक (खाद्य) और जिला आपूर्ति पदाधिकारी करेंगे, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इस पूरे अभियान की कड़ी मॉनिटरिंग विभाग स्तर से की जा रही है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रारंभ किए गए इस पहल का मूल उद्देश्य राज्य की खाद्यान्न वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और लाभुक केंद्रित बनाना है। विभाग का मानना है कि इस सधन निरीक्षण अभियान से जन वितरण प्रणाली में जवाबदेही एवं अनुशासन और अधिक मजबूत होगा तथा यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न से वंचित न रहे।