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02-Dec-2025 09:01 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार में गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पद संभालने के बाद राज्य में अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेजी से शुरू हो गई है। पटना शहर में अतिक्रमण उन्मूलन अभियान के पहले दिन ही प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर सड़क और सार्वजनिक जगहों पर बने झोपड़ी, ठेला और अस्थायी निर्माण को ध्वस्त किया। अभियान की शुरुआत सोमवार से हुई और यह मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान के रूप में चलाया जा रहा है।
अभियान के दौरान पटना के विभिन्न इलाकों में प्रशासन ने सड़क किनारे बने झोपड़ियों और ठेलों को हटाया। पाटलिपुत्र अंचल में करीब साढ़े तीन घंटे अभियान चलाया गया, जिसमें बांकीपुर क्लब के पास सड़क किनारे बने 20 झोपड़ियों को ध्वस्त किया गया। अभियान टीम ने लोगों को पहले चेतावनी दी कि वे अपने सामान हटा लें। जब टीम मौके पर पहुंची तो लोगों में आक्रोश दिखा, लेकिन पर्याप्त संख्या में पुलिस बल होने के कारण विरोध नहीं हुआ। लोगों ने झोपड़ी में रखा सामान समेटने में समय लगाया, इसके बाद टीम ने बुलडोजर के जरिए झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया।
इस अभियान में केवल झोपड़ियों को ही नहीं, बल्कि ठेलों पर कारोबार करने वालों के ठेले भी जब्त किए गए और जुर्माना वसूल किया गया। जानकारी के अनुसार, एक ठेला और एक टेबल जब्त किया गया और 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन ने यह साफ किया कि यह कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोगों को दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी भी दी गई।
अतिक्रमण उन्मूलन अभियान डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर चलाया गया। अभियान के तहत संबंधित एसडीओ और एसडीपीओ को लगातार मॉनिटरिंग करने और फॉलो-अप टीम को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में अतिक्रमण की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जा सके। अभियान टीम ने पुराना म्यूजियम, पुलिस लाइन, ज्ञान भवन और कारगिल चौक के आस-पास अस्थायी अतिक्रमण हटाया।
पटना नगर निगम ने ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आईसीसीसी के हाई रेजोल्यूशन कैमरों का इस्तेमाल करना शुरू किया है। अब नो पार्किंग जोन में ऑटोमेटिक चालान प्रणाली लागू कर दी गई है। इन कैमरों के जरिए आम लोगों की गाड़ियों का नंबर स्कैन कर चालान तुरंत जेनरेट किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों में 155 चालान काटे जा चुके हैं। हालांकि, नगर निगम की अपनी गाड़ियों पर फिलहाल कोई सख्ती नहीं बरती जा रही है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अवैध निर्माण हटाना नहीं है, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना और आम जनता के लिए सड़क को सुरक्षित बनाना भी है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में लगातार अतिक्रमण हटाने और सड़क खाली रखने से आम लोगों को गाड़ियों की पार्किंग और चलने में आसानी होगी।
सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद यह अभियान राज्यभर में अन्य जिलों में भी तेज़ी से शुरू हो गया है। प्रशासन का यह भी कहना है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति के साथ अत्याचार नहीं किया जाएगा, लेकिन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पटना शहर में अतिक्रमण उन्मूलन अभियान का यह पहला चरण काफी प्रभावशाली रहा। डीएम ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से अतिक्रमण की निगरानी करें और फॉलो-अप टीम को सक्रिय रखें। अभियान के दौरान प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील भी की है।
अभियान से यह भी स्पष्ट हो गया है कि सरकार अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाएगी। आने वाले समय में प्रशासन शहर की सभी सड़कों, फुटपाथ और सार्वजनिक जगहों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाएगा। यह अभियान न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि शहरवासियों के लिए बेहतर जीवन और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित करेगा।
इस तरह से पटना शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत के साथ ही राज्य में प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि नियम और कानून की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन लगातार लोगों को चेतावनी दे रहा है और भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि पटना शहर और राज्य के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण की घटनाओं पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।