National Youth Day : युवा दिवस विशेष: स्वामी विवेकानंद से जुड़ी 10 अनसुनी बातें, जो आज के युवाओं को देती हैं नई दिशा Bihar industrialists : बिहार के प्रमुख उद्योगपति: जिनकी मेहनत ने प्रदेश को दिलाई राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान PM Modi Office : साउथ ब्लॉक छोड़ 'सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स' में शिफ्ट होगा प्रधानमंत्री कार्यालय, 14 जनवरी से नए दफ्तर की संभावना Bihar weather : घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद बिहार में धूप से राहत, 48 घंटे बाद फिर लौटेगी शीत लहर सूखे नशे के खिलाफ सुपौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक करोड़ से अधिक का गांजा और नशीली दवाइयां बरामद SSB ट्रेनिंग सेंटर में तैनात सब इंस्पेक्टर की मौत, सोते समय आया हार्ट अटैक Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार उद्योगों के विकास से बिहार बनेगा समृद्ध, निवेशकों को सरकार कर रही है पूरा सहयोग: सम्राट चौधरी Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है दही-चूड़ा? जानिए.. इसके हेल्थ बेनिफिट्स
16-Sep-2025 06:00 PM
By First Bihar
Bihar Weather: पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार शाम को बिहार के 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, इन जिलों में भारी वर्षा के साथ ठनका गिरने का भी खतरा है। अलर्ट वाले जिलों में कैमूर, जमुई, भागलपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, सिवान, सीतामढ़ी, रोहतास, गया और बेगूसराय शामिल हैं। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि बारिश के दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं जो कि आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ाएंगी।
जानकारी के मुताबिक उत्तर बिहार के सभी जिलों में बादल बने रहेंगे और इनमें से कई में मध्यम से भारी स्तर की वर्षा होने की संभावना है। दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में भी मेघगर्जन के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। पटना में मंगलवार को कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे पूरे दिन मौसम गरम और उमस भरा रहा। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आई और पिछले दिनों की गर्मी से राहत मिली। हालांकि, जलभराव की समस्या कुछ जगहों पर बनी रही और इस वजह से काफी परेशानी का सामना लोगों को करना पड़ रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक यानी 19 सितंबर तक इससे राहत नहीं मिलेगी। किशनगंज, अररिया, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, वैशाली, सारण, समस्तीपुर और खगड़िया में भारी वर्षा की आशंका है। बिहार के अधिकांश उत्तरी जिलों और दक्षिणी जिलों के एक-दो स्थानों पर वज्रपात के साथ भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर बांग्लादेश और असम के ऊपर बने चक्रवाती तंत्र तथा बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी इसके पीछे मुख्य कारण हैं।
लोगों को सलाह दी गई है कि ठनका गिरने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या पानी के पास न जाएं साथ ही किसानों को खेतों में काम करने से बचना चाहिए क्योंकि बिहार में हर साल वज्रपात से कई हादसे होना आम हैं। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट कर दिया है, ताकि बाढ़ या जलभराव की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।