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25-Sep-2025 03:37 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार का शिक्षा विभाग इन दिनों लगातार सक्रिय नजर आ रहा है और छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई-नई योजनाओं पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में अब पटना जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी कराने की योजना शुरू की गई है।
वहीं,इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ करीब तीन लाख छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इसके लिए जिले के 75 आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) लैब में विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह निर्णय खासकर उन गरीब और मेधावी बच्चों के लिए लिया है, जो संसाधनों की कमी के कारण डॉक्टर, इंजीनियर या अन्य बड़े पदों पर पहुंचने का सपना अधूरा छोड़ देते हैं।
विभाग का मानना है कि यदि सही समय पर इन्हें गुणवत्तापूर्ण कोचिंग मिल जाए तो ये भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं। इसी उद्देश्य से विभाग ने जिला शिक्षा कार्यालय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत प्रत्येक दिन नियमित पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों को स्कूल में ही ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके लिए शिक्षा विभाग बहुत जल्द आईआईटी कानपुर के साथ एक शैक्षणिक समझौता करने वाला है। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से बच्चों को पढ़ाएंगे। विज्ञान विषय चुनने वाले बच्चों को गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की कोचिंग दी जाएगी, वहीं मेडिकल की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और अंग्रेजी पढ़ाई जाएगी।
बिजली की समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने यह भी तय किया है कि यदि किसी स्कूल में बिजली नहीं रहती है तो बैट्री और इन्वर्टर की मदद से कक्षाएं जारी रहेंगी। इसके अलावा, उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर और बड़े स्क्रीन वाले टीवी भी लगाए जाएंगे ताकि बच्चे आसानी से ऑनलाइन क्लास का लाभ ले सकें।
सिर्फ विज्ञान विषयों तक ही यह योजना सीमित नहीं रहेगी। 11वीं और 12वीं कक्षा के वे छात्र-छात्राएं, जिन्हें विज्ञान विषय में रुचि नहीं है, उनके लिए भी अलग से व्यवस्था की जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों को एसएससी (स्टाफ सेलेक्शन कमीशन), रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इस श्रेणी के बच्चों के लिए अलग ग्रुप बनाए जाएंगे और अतिरिक्त कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।
इसके लिए विभागीय स्तर पर जानीमानी संस्थाओं के विशेषज्ञों का चयन किया जा रहा है। इन विशेषज्ञों के साथ भी शैक्षणिक समझौता किया जाएगा ताकि बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप सही मार्गदर्शन मिल सके। विभाग का मानना है कि इस योजना से सरकारी स्कूलों की पढ़ाई का स्तर भी ऊंचा होगा और बच्चे आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।
इस पहल से न सिर्फ पटना जिले बल्कि पूरे बिहार के शिक्षा मॉडल को नई दिशा मिलेगी। गरीब और मेधावी बच्चों को कोचिंग के लिए निजी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विभाग की यह योजना आने वाले वर्षों में बिहार को डॉक्टरों, इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों की नई पीढ़ी देने में अहम भूमिका निभा सकती है।