Patna Metro : 26 मार्च को पटना मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन संभव, चार स्टेशनों के बीच शुरू होगा सफर बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ RTO online services : घर बैठे बनाएं लर्निंग लाइसेंस! RTO जाने की झंझट खत्म, मिनटों में पूरा होगा प्रोसेस बिहार में भगवान भी सुरक्षित नहीं: हनुमान मंदिर से लाखों के गहने चोरी, चांदी का गदा और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए चोर बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था Bihar news : बड़ी लापरवाही! शौचालय का वेंटिलेटर तोड़कर दो लड़कियां फरार, प्रशासन में हड़कंप
24-Sep-2025 07:07 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों को बेहतर तरीके से शहरों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना' के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 703 नए पुलों को मंजूरी दी गई है। इनका निर्माण 15 सितंबर से ही शुरू हो चुका है और कुल 3688 करोड़ रुपये की लागत से ये पुल बनेंगे। यह योजना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, जर्जर पुलों की जगह नए निर्माण और मिसिंग ब्रिज को पूरा करने पर केंद्रित है ताकि ग्रामीणों का आवागमन सुगम हो सके।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण सड़कों पर बाधाओं को दूर करना है। बरसात और बाढ़ के कारण जहां आवागमन रुक जाता है, वहां मजबूत पुल बनाकर कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी। पुराने और क्षतिग्रस्त पुलों को नया रूप दिया जाएगा, जबकि जहां पहुंच पथ (एप्रोच रोड) अधूरे हैं, वहां भी काम पूरा होगा। मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में आए प्रस्ताव और उनकी सार्वजनिक घोषणाओं को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे न सिर्फ यातायात आसान होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा, क्योंकि किसान और व्यापारी बाजारों तक बेहतर पहुंच पा सकेंगे।
निर्माण कार्य 14 जिलों में तेजी से चल रहा है। सबसे ज्यादा 56 पुल पूर्वी चंपारण में बनेंगे, उसके बाद दरभंगा में 38, गया, सिवान और सीतामढ़ी में 30-30, सारण और वैशाली में 28-28, भागलपुर और गोपालगंज में 27-27, रोहतास और शेखपुरा में 26-26, नालंदा में 24, बेगूसराय में 20 और पटना में 18 पुल तैयार होंगे। ये पुल छोटे-मध्यम आकार के होंगे और नदियों, नालों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को कवर करेंगे। ग्रामीण विकास विभाग (RWD) योजना को लागू कर रहा है, और समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल बिहार के ग्रामीण विकास का हिस्सा है और जुलाई में लॉन्च हुई 21,406 करोड़ की परियोजनाओं का विस्तार है। पहले 730 पुलों की स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन इस फेज में 703 पर फोकस है। इससे ग्रामीणों को न सिर्फ रोजमर्रा की परेशानी से राहत मिलेगी, बल्कि आपदा प्रबंधन भी मजबूत होगा। उम्मीद है कि ये पुल जल्द पूरा होकर बिहार की सड़क नेटवर्क को नई मजबूती देंगे।