PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की घोषणा, वोटिंग और रिजल्ट एक ही दिन PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की घोषणा, वोटिंग और रिजल्ट एक ही दिन Bihar News: बिहार में ग्रामीण हाट का होगा बड़े पैमाने पर विकास, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार; सरकार का बड़ा प्लान Bihar News: बिहार में ग्रामीण हाट का होगा बड़े पैमाने पर विकास, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार; सरकार का बड़ा प्लान Bihar Weather Today: बिहार में पछुआ हवा ने बढ़ाई कनकनी, 25 जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट जारी; जानिए.. मौसम का हाल Bihar Weather Today: बिहार में पछुआ हवा ने बढ़ाई कनकनी, 25 जिलों में कोहरे का यलो अलर्ट जारी; जानिए.. मौसम का हाल BIHAR: दो बाइक की सीधी टक्कर में वकील की मौत, घायल युवक DMCH रेफर मुंगेर में अवैध गिट्टी और बालू ढुलाई पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 गिरफ्तार, 47 लाख का जुर्माना NEET छात्रा हत्याकांड!: जहानाबाद में 25 KM लंबा मार्च, सरकार पर लीपापोती का आरोप BIHAR: रंगदारी मामले में निलंबित थानाध्यक्ष अमरज्योति ने किया सरेंडर, कोर्ट ने भेजा जेल
30-Sep-2025 08:31 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के तालाबों से निकलकर मखाना अब वैश्विक बाजार की शान बनने को पूरी तरह से तैयार है। केंद्र सरकार की 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत छह जिलों (मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सहरसा, कटिहार और पूर्णिया) को मखाना का हब घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज योजना के तहत यह अधिसूचना जारी हुई है जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। बिहार दुनिया के 90% मखाना उत्पादन का घर है और अब प्रोसेसिंग यूनिट्स, ब्रांडिंग व निर्यात पर फोकस से लाखों किसानों की कमाई दोगुनी हो सकती है। केंद्र ने राज्य को तेजी से अमल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह सुपरफूड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमके।
ODOP के तहत बिहार के हर जिले को उसके स्थानीय संसाधनों के आधार पर एक खास उत्पाद सौंपा गया है। पटना को बेकरी प्रोडक्ट्स, औरंगाबाद को स्ट्रॉबेरी, बांका को कतरनी चावल, भागलपुर को जर्दालु आम, किशनगंज को अनानास, मधेपुरा को आम, बेगूसराय व मुजफ्फरपुर को मिर्ची, लखीसराय को टमाटर, नवादा को पान की बेल की पहचान मिली। पश्चिम चंपारण में गन्ना, पूर्वी चंपारण में लीची, समस्तीपुर में हल्दी, वैशाली में शहद, नालंदा व सारण में आलू प्रमुख हैं। यह चयन जीआईएस सर्वे पर आधारित है जो जिले की मिट्टी, जलवायु और उत्पादन क्षमता को ध्यान में रखता है।
केवल फसलें ही नहीं, परंपरागत व्यंजन भी योजना का हिस्सा हैं। भोजपुर को खुर्मा व बेलग्रामी मिठाई, बक्सर को बतिसा व पपड़ी, अरवल व जहानाबाद को बेसन-सत्तू जैसे दाल उत्पाद, गया को शीशम वनोपज, जमुई को कटहल दिए गए। इससे छोटे उद्यमी और कारीगर मजबूत होंगे, क्योंकि यह योजना पैकेजिंग, मार्केटिंग और लोन की सुविधा देगी। जिला स्तर से आगे प्रखंड स्तर पर भी उत्पाद चिन्हित होंगे जो ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देंगे।
मखाना बोर्ड की घोषणा के साथ यह योजना बिहार को सुपरफूड एक्सपोर्टर बना सकती है और 5 लाख किसानों को यह जोड़ेगी, साथ ही खेती का क्षेत्र 50,000 से 60,000 हेक्टेयर तक बढ़ेगा। लीची, जर्दालु आम व काले चावल जैसे उत्पाद भी वैश्विक बाजार टारगेट करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सही अमल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांति आएगी, जहां परंपरा और आधुनिकता का मेल होगा। बिहार अब सिर्फ उत्पादक नहीं बल्कि वैश्विक ब्रांड बनेगा।