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Bihar News: अब बिहार में बनेंगे AK47 से लेकर कई तरह के अत्याधुनिक हथियार, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क का एलान

Bihar News: बिहार सरकार ने बजट 2026-27 में डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क बनाने का ऐलान किया, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 04, 2026, 9:32:53 AM

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो AI

Bihar News: बिहार सरकार ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए राज्य के औद्योगिक भविष्य से जुड़े बड़े ऐलान किए। बजट में बिहार में डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क बनाने की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से बिहार को औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


25 नवंबर को नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क के लिए समिति गठित करने को मंजूरी दी गई थी। अब बजट में इसका औपचारिक ऐलान कर सरकार ने संकेत दे दिया है कि इस दिशा में तेजी से काम शुरू होगा।


डिफेंस कॉरिडोर बिहार के कई जिलों को जोड़ने वाला एक औद्योगिक रूट होगा, जिसमें सेना और सुरक्षा बलों के लिए आवश्यक सामान बनाने वाली इंडस्ट्री लगेगी। इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की कंपनियां शामिल होंगी। यहां हथियारों, सैन्य वर्दी, ड्रोन, तोप, AK-47, कार्बाइन, पिस्टल और स्नाइपर राइफल जैसे आधुनिक हथियारों का निर्माण किया जाएगा। प्रस्तावित कॉरिडोर में मुंगेर, कैमूर, जमुई, बांका और अरवल जैसे जिले शामिल हो सकते हैं। ये जिले पहले से हथियार निर्माण से जुड़े हुए हैं।


वर्तमान में नालंदा में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के तहत फैक्ट्री संचालित है। यह देश की इकलौती फैक्ट्री है, जहां बाय मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम (BMCS) का उत्पादन होता है। BMCS का उपयोग बोफोर्स सहित कई तोपों में किया जाता है और इसका निर्यात भी होता है।


मुंगेर का इतिहास भी हथियार निर्माण से जुड़ा है। वर्ष 1760 में मीर कासिम ने यहां बंदूक कारखाना शुरू किया था। अंग्रेजों के दौर में भी यहां गन फैक्ट्री लगी। आज भी मुंगेर में हथियार बनाए जाते हैं, हालांकि अवैध हथियारों की छवि इसे प्रभावित करती रही है। डिफेंस कॉरिडोर से जुड़ने के बाद उम्मीद है कि मुंगेर को उसकी पुरानी औद्योगिक पहचान वापस मिलेगी।