Bihar Politics:  बिहार की राजनीति में लोकसभा चुनाव से पहले सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने महागठबंधन के नेताओं के साथ मिलकर अति पिछड़ा न्याय संकल्प पत्र जारी किया। इस मौके पर उनके साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद रहे।


संकल्प पत्र जारी होने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि यह केवल वादों की सूची नहीं है, बल्कि अति पिछड़ा समाज के उत्थान के लिए लिया गया गंभीर संकल्प है। उन्होंने कांग्रेस और राजद नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह संकल्प समाज के उस वर्ग को नई दिशा देगा, जो अब तक उपेक्षित रहा है। सहनी ने कहा कि यह पहल सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में महागठबंधन का ठोस कदम है।


मुकेश सहनी ने अपने संबोधन में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान में आरक्षण की व्यवस्था देकर वंचितों और पिछड़ों के लिए एक नई राह खोली थी। उसी तरह यह न्याय संकल्प पत्र भी अति पिछड़ों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने वाला है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आज किसी अति पिछड़े परिवार का बेटा सरकारी नौकरी में काम कर रहा है तो यह कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेता की देन है।


वीआईपी प्रमुख ने कहा कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है तो इस संकल्प पत्र को जमीन पर उतारकर अति पिछड़ों की सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति मजबूत की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बनने पर यह सिर्फ कागज पर लिखा दस्तावेज नहीं रहेगा, बल्कि अमल में लाकर अति पिछड़ों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का काम करेगा।


मुकेश सहनी ने खुद को अति पिछड़ा समाज से आने वाला बताते हुए कहा कि वे इस समाज की पीड़ा और संघर्ष को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि वीआईपी को जितनी भी सीटें मिलेंगी, उनमें से 37 प्रतिशत सीटों पर अति पिछड़ा समाज से उम्मीदवार उतारे जाएंगे। यह कदम राजनीति में इस वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास है।


उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन केवल सत्ता की राजनीति नहीं कर रहा है, बल्कि सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। अति पिछड़ा समाज लंबे समय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी और आर्थिक पिछड़ेपन से जूझता रहा है। इस संकल्प पत्र के जरिए न केवल उनकी शिक्षा और रोजगार की गारंटी दी जाएगी, बल्कि उन्हें राजनीति में भी उचित स्थान दिलाने का काम होगा।


सहनी ने अपने भाषण में भरोसा जताया कि कांग्रेस, राजद और वीआईपी समेत महागठबंधन की सभी पार्टियां मिलकर सामाजिक समरसता और न्याय की दिशा में काम करेंगी। उन्होंने कहा कि यह संकल्प अति पिछड़ों को समाज में सम्मान दिलाने की गारंटी है।


राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे और कहा कि महागठबंधन का मकसद समाज के हर तबके को बराबरी का हक दिलाना है। उन्होंने अति पिछड़े वर्ग के उत्थान को देश और बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण एजेंडा बताया।