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29-Sep-2025 07:41 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार में सरकार यह दावा तो करती है कि हम पर्व और त्यौहार के समय यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। लेकिन,आज जब इसकी जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की गई तो समय में आया है कि इस विभाग के तरफ से यात्री सुविधा के नाम पर जो बसें चलाई जा रही है। उसमें किस तरह से मनमानी की जा रही है। सबसे पहले तो इस बस में सफर करने वाले यात्रियों से अवैध वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं यह लोग यात्रियों से बदतमीजी पर भी उतारू हो गए हैं।
दरअसल,आज अहले सुबह बिहार की पूर्व उपमुख्यमंत्री के गृह इलाके में जाने वाली सरकारी बस गाड़ी संख्या BR O1PL9318 में जब यात्री बिहार सरकार के साइट से टिकट बुक करवा कर लेते हैं। विभाग के तरफ से मैसेज भेजकर सीट की संख्या भी बताई जाती है। उसके बाद जब यात्री अपने निर्धारित सीट पर जाते हैं तो बस में मौजूद ड्राइवर और कंडकटर यह कह रहे धांधली शुरू कर देते हैं कि उनके पास इस सीट को लेकर विभाग के तरफ से कोई संदेश नहीं आया है। जबकि बीते कल तक उनके पास विभाग से संदेश पहुंच रहा था। लेकिन,जैसे ही आज उन्हें यात्रियों की भीड़ दिखी तो उनका नया पैतरा शुरू हुआ गया।
इतना ही नहीं इस बस के ड्राइवर राजेश और कंडक्टर संतोष ने मिलकर जमकर यात्रियों से बदतमीजी भी किया और उन्होंने यात्री से यह भी कहा कि आप एक्ट्रा पैसा दें तभी आपको सीट दिया जाएगा। ड्राइवर राजेश और कंडक्टर संतोष ने साफ कह दिया कि उनके पास विभाग से किसी भी सीट आवंटन का संदेश नहीं आया है। यात्रियों ने जब अलॉटेड सीट का मैसेज दिखाया तो कंडक्टर ने उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया और “सीट चाहिए तो अतिरिक्त पैसा दो” जैसी बात कहकर वसूली करने लगा। लेकिन यात्री यह कहते रहे हैं कि उन्होंने तो टिकट खरीद रखा है तो फिर पैसे क्यों देने तो हाथापाई पर भी उतारू हो गए। इसके साथ ही बसों में यात्री की सुविधा को नजरअंदाज करते हुए निर्धारित सीटों से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने बिना वह यात्री से अधिक पैसे की डिमांड भी किए जा रहे थे। इतना ही नहीं, बस में निर्धारित सीटों से कहीं ज्यादा यात्रियों को ठूंसकर बैठाया गया। कई यात्री खड़े होकर सफर करने को मजबूर हुए।
इधर,जब इस मामले में विभागीय मंत्री शिला मंडल से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फ़ोन नेटवर्क एरिया से बाहर बताया गया। उनके सचिव से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इस मामले में रिपोर्ट देने की बात कही है ,वही विभागीय सचिव ने भी फ़ोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। इसके अलावा इस मामले में जब हेल्पलाइन पर शिकायत करने की कोशिश की गई तो माकूल जवाब नहीं मिला।
यात्रियों का कहना है कि अगर सरकार अपनी बसों में इस तरह की अव्यवस्था और लूट-खसोट नहीं रोक सकती तो उन्हें “पर्व पर सुविधा” का दावा करना ही बंद कर देना चाहिए। एक यात्री ने कहा – “हमने बाकायदा टिकट खरीदा, फिर भी अतिरिक्त पैसा मांगा जा रहा है। जब हमने मना किया तो धक्का-मुक्की शुरू कर दी गई। यह कैसी सरकारी व्यवस्था है?”