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28-Sep-2025 11:19 AM
By First Bihar
Bihar Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी कड़ी में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। पटना स्थित एक सरकारी आवास पर हुई इस मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
इस मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बातचीत मुख्य रूप से आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और भाजपा-जदयू गठबंधन के बीच सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर केंद्रित रही।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और धर्मेंद्र प्रधान के बीच लगभग 20 मिनट तक बातचीत चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने चुनावी तैयारियों, उम्मीदवारों के चयन और गठबंधन के समन्वय को लेकर विचार-विमर्श किया। चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान अब नई रणनीति तैयार करेंगे। जिससे इस मुलाकात के महत्व को और भी बढ़ा-चढ़ाकर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि बिहार में भाजपा और जदयू गठबंधन सरकार चला रहे हैं। हालांकि, विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान की संभावना जताई जा रही थी। ऐसे में दोनों शीर्ष नेताओं की बैठक से यह संकेत मिलता है कि गठबंधन अपने स्तर पर सीट बंटवारे की गुत्थी सुलझाने की कोशिश में है।
भाजपा के अंदरूनी सूत्र मानते हैं कि पार्टी राज्य में अपनी ताकत को दिखाने के मूड में है, जबकि जदयू भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है। दोनों दलों के बीच तालमेल का संतुलन ही चुनावी सफलता की कुंजी होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धर्मेंद्र प्रधान की यह मुलाकात केवल औपचारिकता भर नहीं थी, बल्कि इसमें चुनावी समीकरणों को लेकर ठोस रणनीति पर चर्चा हुई है। खासकर, भाजपा और जदयू दोनों ही दल विपक्षी गठबंधन की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पहले से ही राज्य में सक्रियता बढ़ा रहे हैं। ऐसे में सत्ताधारी गठबंधन किसी भी तरह का जोखिम उठाने के पक्ष में नहीं है। यही वजह है कि सीट शेयरिंग जैसे अहम मुद्दे पर समय रहते बातचीत शुरू की गई है।
फिलहाल, धर्मेंद्र प्रधान और नीतीश कुमार की मुलाकात से बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा हो सकती है। लेकिन यह तय है कि इस मुलाकात ने चुनावी सियासत का पारा जरूर चढ़ा दिया है और सभी की निगाहें अब भाजपा-जदयू के अगले कदम पर टिकी हैं।