Bihar Governor : बिहार के नए राज्यपाल बने सैयद अता हसनैन, जानिए सैन्य अधिकारी से लेकर गवर्नर बनने तक का सफर बिहार को मिला नया राज्यपाल, सैयद अता हसनैन की नियुक्ति, आरिफ़ मोहम्मद ख़ान की छुट्टी राज्यपालों का बड़ा फेरबदल: नंद किशोर यादव नागालैंड के गवर्नर, सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल जहानाबाद: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, SP ने 6 थानाध्यक्ष समेत 50 पुलिसकर्मियों का किया तबादला, नीचे देखें पूरी लिस्ट.. सुपौल प्रखंड कार्यालय में DM का छापा, BDO-CO सहित कई कर्मचारी मिले गायब नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले से छोटी बहन इंदू नाराज, बोलीं..भईया बिहार छोड़ेंगे तो बहुत कमी महसूस होगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले का HAM ने किया स्वागत, जानिए.. क्या बोले मंत्री संतोष सुमन? बेतिया में साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैट में मिला पाकिस्तान का कोड रश्मिका-विजय की रिसेप्शन पार्टी में नंगे पैर क्यों पहुंचे एक्टर राम चरण? हैरान कर देगी वजह
28-Sep-2025 03:33 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने देशभर के 470 अधिकारियों को विधानसभा और उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में तैनात करने का फैसला लिया है। इनमें 320 आईएएस, 60 आईपीएस और 90 अन्य वरिष्ठ सेवा अधिकारी (जैसे IRAS, IRS, ICAS) शामिल हैं।
चुनाव आयोग की निगरानी में बिहार के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर (बडगाम और नगरोटा), राजस्थान (अंता), झारखंड (घाटशिला), तेलंगाना (जुबली हिल्स) और पंजाब में उपचुनाव भी संपन्न कराए जाएंगे। आयोग के अनुसार, ये पर्यवेक्षक अपनी नियुक्ति से लेकर पूरी चुनाव प्रक्रिया तक आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन में कार्य करेंगे।
उनका प्रमुख दायित्व चुनाव की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना होगा। पर्यवेक्षक न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में आयोग की मदद करेंगे, बल्कि मतदाता जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में भी योगदान देंगे। उनका अनुभव और वरिष्ठता आयोग को जमीनी स्तर पर चुनाव की स्थिति समझने में मदद करती है।
बता दें कि बिहार चुनाव की तैयारियों का आकलन करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्त 4 और 5 अक्टूबर को बिहार दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले 3 अक्टूबर को नई दिल्ली में सभी पर्यवेक्षकों (सामान्य, पुलिस और व्यय) की बैठक आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि तैयारियों की समीक्षा के बाद किसी भी दिन चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है।