Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट से दिल्ली की उड़ानें रद्द, नए साल में इंडिगो का बड़ा झटका Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट से दिल्ली की उड़ानें रद्द, नए साल में इंडिगो का बड़ा झटका पटना जंक्शन की सुरक्षा पर सवाल: पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से लूट लिए 22.50 लाख, ट्रेन की खाली बोगी में लूटपाट पटना जंक्शन की सुरक्षा पर सवाल: पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से लूट लिए 22.50 लाख, ट्रेन की खाली बोगी में लूटपाट थावे मंदिर चोरी कांड: प्यार, धोखा और साजिश का जाल, लव एंगल से जुड़ा करोड़ों की चोरी का मामला; मोहिनी से शुरू हुआ सारा खेल थावे मंदिर चोरी कांड: प्यार, धोखा और साजिश का जाल, लव एंगल से जुड़ा करोड़ों की चोरी का मामला; मोहिनी से शुरू हुआ सारा खेल New Year 2026: नए साल के पहले दिन माता की शरण में लोग, ताराचंडी मंदिर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ Bihar Police: एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात के पास से मिला हथियारों का जखीरा, PHQ ने बताया कितना खतरनाक था यह अपराधी Bihar Police: एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात के पास से मिला हथियारों का जखीरा, PHQ ने बताया कितना खतरनाक था यह अपराधी Pakistan drone: नए साल के पहले दिन पुंछ में दिखा पाकिस्तानी ड्रोन, भारतीय सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया
25-Aug-2025 08:03 AM
By First Bihar
Digital PIN: अब बिहार में डाक पहुंचाने में होने वाली देरी और गुम पते की समस्या जल्द खत्म होने वाली है। डाक विभाग ने पूरे राज्य के गली-मोहल्लों को लाइव लोकेशन से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत अब हर मकान को एक डिजिपिन (Digital Postal Index Number) दिया जाएगा, जिससे डाकिया किसी भी पत्र या पार्सल को सटीक पते पर आसानी से पहुंचा सकेगा।
डाक विभाग के बिहार सर्किल द्वारा राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों की व्यापक मैपिंग की गई है। अब तक 1 करोड़ से अधिक गली-मोहल्लों की जियो-मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस मैपिंग के आधार पर हर घर की लाइव लोकेशन दर्ज की जाएगी। इससे डाकिया अपने मोबाइल फोन में लोकेशन देखकर पत्र या पार्सल को सही जगह तक पहुंचा सकेंगे।
फिलहाल राज्य में 45% डाक और पार्सल अधूरे या गलत पते की वजह से सही जगह तक नहीं पहुंच पाते हैं। इनमें से करीब 30–35% डाक लौट जाती है। लेकिन डिजिपिन के जरिए यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी, क्योंकि अब हर घर का एक यूनिक और सटीक डिजिटल पता होगा।
डिजिपिन एक 10 अंकों वाला डिजिटल कोड है, जो भारत के किसी भी स्थान के 4 मीटर के दायरे को यूनिक तरीके से पहचान देता है। इसे आईआईटी हैदराबाद और एनआरएससी-इसरो के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य है देश के प्रत्येक नागरिक को एक सटीक, स्थायी और डिजिटल पता उपलब्ध कराना।
डिजिपिन के फायदे
हर घर का यूनिक डिजिटल पता
आधे-अधूरे पते पर भी सटीक डिलीवरी
डाक, पार्सल और आपातकालीन सेवाओं के लिए उपयोगी
ई-कॉमर्स और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में मददगार
रियल एस्टेट, नगरपालिका और शहरी नियोजन में उपयोग
30 डिविजन और 10,000 से अधिक डाकिया होंगे शामिल
बिहार सर्किल के 30 डिविजनों में इस योजना को लागू किया जा रहा है। राज्यभर के 10,000 से अधिक डाकियों को मोबाइल पर लाइव लोकेशन से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें यह सिखाया जाएगा कि कैसे मोबाइल ऐप पर डिजिपिन के जरिए किसी घर की लोकेशन ट्रैक की जा सकती है।
डिजिपिन प्रणाली केवल बिहार तक सीमित नहीं है। यह डाक विभाग की देशव्यापी डिजिटल एड्रेसिंग योजना का हिस्सा है। भविष्य में यह सिस्टम पूरे भारत में लागू किया जाएगा, जिससे हर नागरिक को एक स्थायी डिजिटल पता मिलेगा, चाहे वह कहीं भी क्यों न रहता हो।
डिजिपिन सिस्टम बिहार में डाक सेवा को न केवल अधिक सटीक और तेज बनाएगा, बल्कि यह राज्य को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा। अब न केवल डाक बल्कि सरकारी योजनाएं, ई-कॉमर्स डिलीवरी और इमरजेंसी सेवाएं भी तेजी से और सही स्थान पर पहुंच सकेंगी।