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24-Dec-2025 03:24 PM
By First Bihar
Bihar Railway Connectivity : बिहार में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले बक्सर रेलवे स्टेशन को लेकर एक अहम निर्णय लिया गया है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए बक्सर रेलवे स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की कुल संख्या तीन से बढ़कर पांच हो जाएगी, जिससे न सिर्फ यात्रियों को सहूलियत मिलेगी बल्कि रेल संचालन भी अधिक सुचारू हो सकेगा।
बक्सर रेलवे स्टेशन पूर्वांचल और बिहार के महत्वपूर्ण स्टेशनों में गिना जाता है। यहां से रोजाना हजारों यात्री पटना, वाराणसी, प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के लिए यात्रा करते हैं। वर्तमान में प्लेटफॉर्म की सीमित संख्या के कारण कई बार ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। दो नए प्लेटफॉर्म बनने के बाद इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नए प्लेटफॉर्म के चालू होने से लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव और परिचालन में आसानी होगी।
जानकारी के मुताबिक, बक्सर रेलवे स्टेशन पर बनने वाले ये दोनों नए प्लेटफॉर्म दो रेलवे लाइनों के बीच एक साझा संरचना के रूप में तैयार किए जाएंगे। इससे स्टेशन परिसर में जगह का बेहतर उपयोग हो सकेगा। रेलवे प्रशासन ने इस परियोजना पर लगभग 29.99 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
फिलहाल बक्सर रेलवे स्टेशन पर तीन साइडिंग लाइनें मौजूद हैं, जिनका उपयोग रात में बक्सर से चलने वाली मेमू ट्रेनों को खड़ा करने के लिए किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, बीच वाली साइडिंग लाइन को रिप्लेस कर नए प्लेटफॉर्म बनाए जाने की योजना है। जबकि शेष दो लाइनों को लूप लाइन के रूप में विकसित किया जाएगा। नए प्लेटफॉर्म की अनुमानित लंबाई करीब 650 मीटर तक हो सकती है, जिससे लंबी दूरी की एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को आसानी से रोका जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में बक्सर रेलवे स्टेशन से गुजरने और यहां रुकने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। नई ट्रेनों के परिचालन से स्टेशन पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में अतिरिक्त प्लेटफॉर्म की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यात्रियों की सुविधा और समयबद्ध ट्रेन संचालन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
यह पहला मौका नहीं है जब बक्सर रेलवे स्टेशन को लेकर कोई बड़ा निर्णय लिया गया हो। इससे पहले रेलवे प्रशासन ने यहां ब्लास्टलेस ट्रैक यानी बिना गिट्टी वाला ट्रैक बिछाने की मंजूरी दी थी। इस आधुनिक तकनीक से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और रखरखाव की लागत भी कम होगी। साथ ही यात्रियों को सफर के दौरान कम झटके महसूस होंगे, जिससे यात्रा अनुभव बेहतर होगा।
दो नए प्लेटफॉर्म बनने की खबर से स्थानीय लोगों और यात्रियों में खुशी का माहौल है। व्यापारियों का मानना है कि बेहतर रेल सुविधाओं से बक्सर में व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं छात्र और नौकरीपेशा लोग इसे समय की बचत और सुविधा के लिहाज से एक बड़ा कदम मान रहे हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, भविष्य में बक्सर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने की योजना है। प्लेटफॉर्म विस्तार के साथ-साथ प्रतीक्षालय, शौचालय, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं पर भी काम किया जा सकता है। कुल मिलाकर, दो नए प्लेटफॉर्म का निर्माण बक्सर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।