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05-Oct-2025 03:15 PM
By First Bihar
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में अगले कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का एलान कर दिया जाएगा। ऐसे में आज इस चुनाव से जुड़ें अहम मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के तरफ से एक वार्ता किया गया और इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने साफ़ साफ़ शब्दों में कह दिया है कि इस बार बिहार में बूथ पर मात्र बारह सौ वोटर ही वोट दे पाएंगे और इसे लागू करने वाला बिहार देश में पहला राज्य बनेगा।
चुनाव आयुक्त ने बताया कि पिछले चुनावों में देखा गया कि एक बूथ पर अधिक वोटर होने से भीड़-भाड़, लंबी कतारें और प्रशासनिक परेशानियां बढ़ जाती थीं। इसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि हर बूथ पर केवल 1200 मतदाता ही मतदान करेंगे। इससे मतदाता सुरक्षा, पारदर्शिता और मतदान प्रक्रिया की सहजता सुनिश्चित होगी।
ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि बिहार में कुल 243 विधानसभा क्षेत्र हैं और विधानसभाओं का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। इसके पहले चुनाव संपन्न होंगे। चुनाव आयोग की टीम दो दिनों से बिहार में है और इससे पहले वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे राज्य का दौरा कर चुके हैं।
चुनाव आयोग ने अपने दौरे के पहले दिन सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, उनकी मांगों और सुझावों को सुना। इसके अलावा बिहार के सभी जिलाधिकारी (DM), आईजी, डीआईजी, SSP, कमिश्नर और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के साथ विस्तृत बैठकें की गईं ताकि चुनाव प्रक्रिया में कोई कमी न रहे।
सीईसी ने बताया कि पहली बार बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की ट्रेनिंग दिल्ली में आयोजित की गई। इसके अलावा, बूथ लेवल ऑफिसर्स के लिए फोटो आईडी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी 90,000 पोलिंग बूथों पर मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मोबाइल के जरिए मतदान की सुविधा भी उपलब्ध होगी। मतदाताओं को दी जाने वाली वोटर स्लिप पर बूथ संख्या बड़े अक्षरों में अंकित होगी, जिससे बूथ ढूंढना आसान हो।
चुनाव आयोग इस बार बिहार चुनाव में कुल 17 नए प्रयोग करने जा रहा है। इनमें ईवीएम पर प्रत्याशियों की रंगीन फोटो, वोटर आईडी कार्ड पर बड़े वोटर आईडी नंबर, EVM की गिनती में किसी भी गलती होने पर सभी VVPAT की गिनती, और बैलेट वोट की अनिवार्य गिनती शामिल है। आयोग ने स्पष्ट किया कि ये सुधार पूरे देश में भविष्य में लागू किए जाएंगे।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल ही में बिहार में मतदाता सूची शुद्धिकरण का काम पूरी सटीकता से किया गया। राज्य के 90,217 बूथ लेवल अधिकारियों ने अपने-अपने बूथों पर सूची शुद्धिकरण किया, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने वैशाली जिले के काम की तारीफ करते हुए कहा कि वहां का कार्य लोकतंत्र के लिए प्रेरणास्रोत है।
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अपने मताधिकार का उपयोग करें और मतदान प्रक्रिया में सहयोग दें। आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची और ईवीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक उपाय किए जा रहे हैं। इस बार के चुनाव में चुनाव आयोग की ये नई पहल और तकनीकी सुधार पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ मतदाता सुविधा को भी सर्वोपरि बनाएंगे, जिससे बिहार विधानसभा चुनाव देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उदाहरण पेश करेगा।