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06-Oct-2025 12:17 PM
By First Bihar
Bihar Teacher News: बिहार विधानसभा चुनाव-2025 से ठीक पहले राज्य सरकार लगातार जनता को लुभाने वाली घोषणाएं कर रही है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने स्थानीय निकाय के शिक्षकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब सक्षमता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को योगदान की तिथि से वेतन संरक्षण का लाभ दिया जाएगा। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन शिक्षकों को अक्टूबर 2025 के वेतन के साथ ही वेतन वृद्धि का लाभ भी मिलेगा।
गौर करने वाली बात यह है कि इस फैसले से राज्य के लगभग तीन लाख शिक्षकों को प्रतिमाह चार से पांच हजार रुपये तक की अतिरिक्त राशि मिलेगी। इससे न केवल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि चुनावी माहौल में यह कदम शिक्षकों और उनके परिवारों को साधने की एक महत्वपूर्ण रणनीति भी माना जा रहा है।
बता दें कि राज्य सरकार ने नियोजित शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक बनाने के लिए सक्षमता परीक्षा आयोजित की थी। अब तक करीब तीन लाख शिक्षक सक्षमता प्रथम और द्वितीय परीक्षा में सफल हुए हैं। जो शिक्षक विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान कर चुके हैं, उन्हें विद्यालय में योगदान की तिथि से वेतन संरक्षण का लाभ मिलेगा। यही नहीं, जिन शिक्षकों को यह लाभ पहले नहीं मिला था, उन्हें अक्टूबर के वेतन के साथ ही बकाया वेतन वृद्धि का भुगतान किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि तृतीय, चतुर्थ और पंचम सक्षमता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को भी विद्यालय में योगदान की तिथि से वेतन संरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इसका सीधा असर आने वाले समय में हजारों और शिक्षकों पर पड़ेगा। हाल ही में राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 28,750 प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। ये सभी पहले विशिष्ट शिक्षक या स्थानीय निकाय शिक्षक थे। विभाग ने अब यह निर्णय लिया है कि प्रधान शिक्षक के पद पर योगदान करने वाले शिक्षकों को भी उनकी योगदान तिथि से वेतन संरक्षण का लाभ मिलेगा। इससे प्रधान शिक्षकों को भी वेतन वृद्धि का बड़ा फायदा होगा।
चुनावी वर्ष में शिक्षकों को वेतन संरक्षण का लाभ देने के इस फैसले को सीधे तौर पर बिहार विधानसभा चुनाव-2025 की तैयारियों से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा विभाग के आदेश से लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है, और माना जा रहा है कि यह कदम चुनाव में सरकार को राजनीतिक लाभ पहुँचा सकता है। राज्य सरकार ने शिक्षकों के बड़े तबके को साधने के लिए यह कदम उठाया है, क्योंकि बिहार की राजनीति में शिक्षक वर्ग हमेशा से प्रभावी रहा है।
बिहार में नवंबर 2025 तक विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी घोषणा पत्रों से पहले सरकार की इस पहल ने विपक्ष के लिए भी नई चुनौती खड़ी कर दी है। शिक्षकों के हित में उठाए गए इस कदम को मुख्यमंत्री की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि शिक्षकों के साथ-साथ उनके परिवारों के लाखों वोटरों पर असर डाला जा सकें।